महाकाल मंदिर में शिवलिंग को क्षरण से बचाने को केवल तीन किलो भांग से होगा श्रृंगार

उज्जैन मध्यप्रदेश

उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में रोजाना शाम को होने वाली आरती से पहले भांग से श्रंगार किया जाता है. इसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं. लेकिन महाकाल मंदिर में हो रहे शिवलिंग क्षरण को लेकर लगाई गई याचिका के बाद अब महाकाल मंदिर समिति ने अब नई गाइडलाइन जारी की है. समिति ने निर्णय लिया है कि भांग के कारण हो रहे शिवलिंग क्षरण को रोकने के लिए अब एक दिन में केवल 3 किलो भांग से ही शिवलिंग पर श्रृंगार किया जा सकेगा. गौरतलब है कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना कई प्रकार के श्रृंगार किए जाते हैं. श्रावण माह में होने वाले श्रृंगार सबसे ज्यादा प्रचलित है और जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु भी उज्जैन पहुंचते हैं. महाकाल मंदिर में संध्या आरती के पहले भांग से श्रृंगार किया जाता है. जिसमें भांग की मात्रा 10 से 15 किलो के आसपास रहती थी.

कांवड़ियों का जल भी किया जाएगा फिल्टर
वहीं, महाकाल मंदिर में शिवलिंग के क्षरण को लेकर लगाई गई याचिका के बाद मंदिर समिति ने क्षरण को रोकने के लिए नया फैसला लिया है. इसके तहत अब रोजाना महज तीन किलो भांग ही शिवलिंग पर चढ़ाई जा सकेगी. साथ ही यह भी तय करना होगा कि भांग केमिकल युक्त ना हो. बताया जा रहा है कि श्रावण में आने वाले कांवड़ यात्रियों द्वारा लाया गया जल भी अब फिल्टर कर ही महाकालेश्वर पर चढ़ाया जा सकेगा. जल को फिल्टर करने की नई मशीन आ गई है. खबर है कि मशीन की टेस्टिंग सोमवार को कर लिया है. कावड़िए मशीन से लगे पात्रों में जल डालेंगे, जो फिल्टर होकर भगवान पर चढ़ेगा. मशीन के पास एलईडी भी लगी होगी, जिसमें गर्भगृह में भगवान पर चढ़ रहे जल और दूध को देखा जा सकेंगा.