LOCKDOWN: E-pass facility for movement of people trapped outside REWA

15 दिन के लिए इंदौर पूरा लॉकडाउन, न कोई आएगा न कोई जायेगा, इंदौरवासी आलू-सब्जी से काम चालाएं

इंदौर मध्यप्रदेश

इंदौर : तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए इंदौर प्रशासन ने शहर को पूरी तरह से लॉकडाउन करने का फैसला ले लिया है। अब इंदौर शहर को पूरी तरह से कुछ दिनों के लिए लॉकडाउन किया जाएगा। यानि कि आने वाले करीब 10 से 15 दिनों तक इंदौर में किसी को भी बाहर निकलने का परमिशन नहीं होगा। साथ ही किसी को भी इंदौर में आने या बाहर जाने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर प्रशासन ने इंदौरवासियों को घरों में रहने की अपील की।

आलू-सब्जी से काम चालाएं

कोरोना महामारी को कंट्रोल में करने के लिए इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि कोरोना को खत्म करना है तो इंदौरवासियों को कुछ दिन थोडी-बहुत परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। हालांकि उन्होने आश्वस्त भी किया कि इस दौरान उन्हे जरूरी सामन घर पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे। लेकिन, कोशिश करे कि आलू-सब्जी से काम चालाये। हरी-सब्जियां ना लें क्योंकि हम जितना बाहर से चीजें मगाएंगे वायरस उतना फैलेगा।

सेकेंड स्टेज के अपर लेयर में आ चुका है इंदौर

मध्यप्रदेश के सभी जिलों में इंदौर सेकेंड स्टेज के अपर लेयर में आ चुका है। इसके लिए हमें अब अलर्ट होकर सख्ती से काम करना होगा। कलेक्टर मनीष ने लोगों से अपील की घरों से बाहर न निकले, सड़कों पर न घूमे, कुछ दिन में सब ठीक हो जाएगा। लेकिन इसके लिए इंदौरवासियों के साथ देने की आवश्यकता है।

कोविड-19 के लिए बनेगा अलग अस्पताल

कोरोना के संक्रमित मरीजों और अन्य मरीजों के लिए इंदौर में अलग अस्पताल बनाने का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि निजी अस्पताल भी कोरोना से लड़ने के लिए तैयार रहें। कोविड-19 के लिए अलग अस्पताल बनेगा जिसमें किसी अन्य मरीज को नहीं रखा जाएगा। अन्य बिमारियों और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग अस्पताल होगा। तभी हम सब सुरक्षित रहेंगे। इसके लिए शहर को पूरी तरह लॉकडाउन करने की जरूरत है।

स्वयंसेवी संगठन भीड़ ना बनाए

कलेक्टर मनीष ने कहा कि इंदौर की सड़को पर सेवा करने के लिए पहले वॉलेंटियर तैयार है। हमें और की जरूरत होगी तो समाज सेवी संस्थानों से मदद ली जाएगी। इसलिए स्वयं सेवी संगठन सड़कों पर भीड़ न करें। इंदौर प्रशासन पुरी तरह इंदौरवासियों की सेवा के लिए मुस्तैद है। हमें सबसे पहले बढ़ते संक्रमण को रोकना होगा। तभी इंदौर सुरक्षित रहेगा।

हॉस्टल के बच्चे और लेबर बाहर नहीं जाएंगे

इंदौर के हॉस्टलों में पढ़ाई करने वाले बच्चे इंदौर से बाहर नहीं जाएंगे। उनके खाने, पीने और रहने की व्यवस्था के जिम्मेदार हॉस्टल संचालक होगा। साथ ही लेबर के रूकने और खाने की व्यवस्था ठेकेदार कराएं। किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं होगा। जिन लोगों को सुविधाएं मुहैया नहीं होगी उन्हे इंदौर प्रशासन मदद करेंगा। इसके लिए सभी क्षेत्रों में वॉलेंटियर तैनात किये गए हैं। जहां व्यवस्था नहीं पहुंची वहीं व्यवस्था की जा रही है।

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