नई सरकार में मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाएं तेज, JYOTIRADITYA SCINDIA कोटे से ये लोग बन सकते हैं मंत्री और एक उपमुख्यमंत्री

ग्वालियर जबलपुर भोपाल मध्यप्रदेश

भोपाल/ कमलनाथ के इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश में बीजेपी सत्ता में वापसी करने जा रही है। बीजेपी की सत्ता में वापसी के लिए जिन लोगों ने द्वार खोले हैं, उन्हें सरकार नई सरकार में इनाम भी मिल सकता है। साथ ही कहा जा रहा है कि इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अहम भूमिका निभाई है।

उनके खेमे के लोगों के मंत्रिमंडल में भी जगह मिलेगी। कांग्रेस की तरफ से ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में 22 विधायकों ने इस्तीफा दिया था। सबकी अपनी-अपनी चाहत हैं, ऐसे में सरकार बनने के बाद सभी को तो नहीं लेकिन कुछ खास लोगों के बीजेपी की सरकार में जगह मिल सकती है। अब ये ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निर्भर है कि वह किसे मंत्रिमंडल में शामिल करवाएंगे और किसे नहीं।

कुछ नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और कहा जा रहा है कि नई सरकार में सिंधिया खेमे के इन चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। छह तो पुराने चेहरे हैं जो कमलनाथ की सरकार में भी सिंधिया कोटे से मंत्री थे। अब कुछ नए चेहरे भी शामिल होंगे। आइए जिन नामों की चर्चा है, उनके बारे में हम आपको बताते हैं।

1. इमरती देवी- डबरा से विधायक थीं। कमलनाथ की सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं।

2. तुलसी सिलावट- कमलनाथ की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं। डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे करीबी हैं।

3. प्रद्युमन सिंह तोमर- पिछली सरकार में खाद्य आपूर्ति मंत्री थे। उम्मीद है कि नई सरकार में भी इन्हें जगह मिलेगी।

4. महेंद्र सिंह सिसौदिया- पिछली सरकार में श्रम मंत्री थे। इस सरकार में भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद।

5. प्रभुराम चौधरी- पिछली सरकार में स्कूली शिक्षा मंत्री थे।

6. गोविंद सिंह राजपूत- पिछली सरकार में राजस्व और परिवहन मंत्री रहे। इस बार भी कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद।

7. ऐंदल सिंह कंसाना- कमलनाथ की सरकार में मंत्री नहीं बनने से नाराज थे। नाराजगी की वजह से ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया। इनाम के रूप में मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।

8. बिसाहूलाल सिंह- कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों में इनकी गिनती होती थी। मंत्री नहीं बनाए जाने से थे नाराज। सिंधिया से पहले बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। इन्हें भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

9. हरदीप सिंह डंग- ये भी मंत्री नहीं बनाए जाने से थे नाराज। कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी के खेमे में आए। हालांकि अभी तक सदस्यता ग्रहण नहीं की है।

10. राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव- बदनवार से दूसरी बार विधायक। कांग्रेस से इन्होंने भी इस्तीफा दे दिया है।

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