कल नहीं होगा फ्लोर टेस्ट ! MP NEWS

मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में सोमवार को फ्लोर टेस्ट नहीं होगा. रविवार शाम विधानसभा की दैनिक कार्यसूची जारी की गई है. कार्यसूची के मुताबिक सोमवार को सबसे पहले राज्यपाल का अभिभाषण प्रस्तावित है और बाद में उनके अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन. कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है. यानी कि अब सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं होगा. कार्यसूची जारी करते ही विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक नरोत्तम मिश्रा राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं.

इससे पहले राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति से सोमवार को बहुमत परीक्षण कराने को कहा था.

राज्यपाल लालजी टंडन ने बहुमत परीक्षण के निर्देश जारी करते हुए कहा, ‘मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च, 2020 को प्रातः 11 बजे शुरू होगा और मेरे अभिभाषण के तुरंत बाद एकमात्र कार्य विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा. विश्वासमत मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर ही होगा और अन्य किसी तरीके से नहीं किया जाएगा.’

हालांकि कांग्रेस और बीजेपी दोनों दल इस बात पर सहमत हैं कि फ्लोर टेस्ट हो मगर दोनों की अपनी शर्त है. बीजेपी चाहती थी कि राज्यपाल के अभिभाषण और बजट सत्र से पहले हो, वहीं सत्ताधारी कांग्रेस अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्ट की पक्षधर थी.

मध्य प्रदेश में ‘फ्लोर टेस्ट’ पर संग्राम

राज्य में बीते एक सप्ताह से सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के प्रदेश से बाहर आने और जाने का सिलसिला जारी है. बीजेपी के विधायक दिल्ली के नजदीक एक रिजॉर्ट में हैं तो कांग्रेस के विधायक जयपुर में हैं. वहीं कांग्रेस के बागी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायक बेंगलुरु में हैं. 22 विधायक अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं, इनमें से छह विधायकों के इस्तीफे विधानसभाध्यक्ष एन पी प्रजापति ने मंजूर कर लिए हैं.

राज्य विधानसभा का बजट सत्र 16 मार्च से शुरू हो रहा है. परंपरा के अनुसार बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है. बीजेपी ने वर्तमान सरकार के अल्पमत में होने का आरोप लगाया है. बीजेपी के नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह व रामपाल सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार को अल्पमत की सरकार बताया. साथ ही कहा कि वर्तमान सरकार को न तो बजट सत्र बुलाने का अधिकार है और न ही फ्लोर टेस्ट से पहले राज्यपाल का अभिभाषण होना चाहिए. पहले फ्लोर टेस्ट हो.

वहीं कांग्रेस नेता और संसदीय कार्यमंत्री डा. गोविंद सिंह ने कांग्रेस विधायकों के लिए व्हिप जारी किया है. साथ ही कहा है कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त कर रही है. विधायकों को बंधक बनाया गया है, सरकार को बहुमत हासिल है, अभिभाषण पर चर्चा और बजट पर फ्लोर टेस्ट होगा ही.

एक तरफ जहां फ्लोर टेस्ट को लेकर सियासी संग्राम चल रहा है तो दूसरी ओर प्रशासनिक गतिविधियां भी बढ़ गई हैं. राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्य सचिव एसआर मोहंती व पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी के साथ जिलाधिकारी तरुण पिथोड़े को शनिवार शाम को तलब किया था. इन अधिकारियों से कानून-व्यवस्था तथा अन्य मसलों पर चर्चा की थी.

सत्ताधारी दल कांग्रेस और विरोधी दल दोनों ही फ्लोर टेस्ट की बात से सहमत हैं, मगर दोनों के अपने-अपने तर्क हैं. सत्ता पक्ष अभिभाषण से सत्र शुरू कर फ्लोर टेस्ट के कई मौके आने की बात कह रहा था तो बीजेपी द्वारा अल्पमत की सरकार को सदन ही बुलाने का अधिकार न होने का दावा किया जा रहा था.

Facebook Comments