पहली बार एक्शन में कमलनाथ सरकार, एक साथ 406 डॉक्टर्स से जवाब मांगेगी

भोपाल मध्यप्रदेश

ग्वालियर सहित प्रदेशभर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की डिग्री लेने वाले 406 डॉक्टर्स को एमसीआई के नोटिस तामील नहीं हुए हैं। वजह यह है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में चिकित्सकों के जो पते लिखे हैं, वहां डॉक्टर मिले ही नहीं। सरकार अब अखबार में विज्ञापन देकर डॉक्टरों से नोटिस का जवाब मांगेगी।

अब समाचार पत्र में विज्ञापन देंगे

जिन डॉक्टरों ने बांड शर्तों का पालन नहीं किया है, उन्हें मेडिकल काउंसिल के जरिए नोटिस भिजवाए हैं। जिन डॉक्टर्स कोे नोटिस तामील नहीं हुए हैं, समाचार पत्र में विज्ञापन देकर उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए कहेंगे।
निशांत वरवड़े, कमिश्नर, चिकित्सा शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन

हमने 15 दिन का समय दिया है

महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में पीजी डिग्री-डिप्लोमा वाले 25 डॉक्टरों के जवाब आना शेष हैं। हमने इन्हें 15 दिन का समय और दिया है।
डॉ. अशोक पंचोनिया, समन्वयक, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर

कई डॉक्टर्स के जवाब आ गए हैं।

गजराराजा मेडिकल काॅलेज में जिन डॉक्टर्स को बांड शर्तों के संबंध में नोटिस जारी हुए हैं। उनमें से कई डॉक्टर्स ने जवाब दे दिए हैं। जिनके जवाब नहीं आए हैं। हम उनपर कार्रवाई कर रहे हैं।
डॉ. सरोज कोठारी, डीन जीआरएमसी

फैक्ट फाइल

4589

डॉक्टरों को नोटिस जारी किए

1848

डॉक्टरों ने नोटिस का जवाब दिया

651

डॉक्टरों ने एनओसी जमा कराई

485

डॉक्टरों ने बांड
राशि जमा की

406

डॉक्टरों के नोटिस तामील नहीं हुए

233

डॉक्टरों ने बांड का पालन किया

किस कॉलेज के कितने
नोटिस तामील नहीं हुए

कॉलेज का नाम नोटिस दिए तामील नहीं

जीएमसी भोपाल 854 136

एनएससीबी जबलपुर 954 189

एसएसएमसी रीवा 350 81

एमजीएम इंदौर 990 –

बीएमसी सागर 64 –

जीआरएमसी ग्वालियर 1377 –

{सरकारी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई के बाद किया शर्तों का उल्लंघन, 233 डॉक्टर्स ने ही किया बांड का पालन**

Facebook Comments