BJP का नया पावर सेंटर बन रहा MP का ये शहर, जानिये इसके पीछे का सच

मध्यप्रदेश

भोपाल। इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा का पावर हाउस भोपाल में बनाया जा रहा है। इसके तहत पार्टी अध्यक्ष अमित शाह खुद भोपाल में रहकर इसकी कमान संभालेंगे। ऐसे में मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में उन्हें सरकारी बंगला भी एलॉट कर दिया गया है। भोपाल में 74 बंगला में बी-12 नंबर का यह बंगला मेघराज जैन के नाम आवंटित था।
यहीं बैठकर अमित शाह और उनकी टीम चुनावी रणनीति बनाएगी और पूरे अभियान की मनिटरिंग करेगी। यह भी कहा जा रहा है कि शाह के लिए इस सरकारी बंगले को ख़ास तौर पर तैयार किया जा रहा है।

राजनीति के जानकारों का मानना है कि साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके लिए पार्टी ने पूरी तरह से कमर कस ली है। और इसी वजह से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अब भोपाल में ही रहेंगे!

इस साल तीन राज्यों में होने है चुनाव…
दरअसल अक्टूबर-नवंबर में तीन हिन्दी राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। जानकारों की माने तो ऐसे में बीजेपी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ और राजस्थान इन तीन हिंदी राज्यों की कमान भोपाल से संभालने वाली है। कहा जा रहा है कि यहीं से इन तीनों राज्यों के लिए रणनीति तैयार की जाएगी और फिर उस पर यहीं से अमल किया जाएगा। ऐसे में यह भी साफ होता दिख रहा है कि भोपाल में बनने वाला ये पावर हाउस चुनावी रणनीति का सेंटर होगा।

पावर सेंटर होगा भोपाल…
जानकारी के अनुसार भाजपा अध्यक्ष के भोपाल में शिफ्ट होने के कारण पूरी राजनीति का केंद्र भोपाल बन सकता है। अमित शाह चुनाव तक भोपाल में ही रहेंगे। वे यहीं से राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के चुनावों पर नजर रखेंगे।

कंट्रोल रूम भी…
भाजपा की तरफ से वार रूम की तरह यहां कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जा रहा है। जहां से भाजपा चुनाव पर नजर रख सकेगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया का सेंटर भी लगातार काम करेगा।

यहां होगा अलग चुनाव वार रूम…
आ रही सूचनाओं के अनुसार भाजपा के प्रदेश कार्यालय से अलग चुनाव वार रूम बनाया जा रहा है। यह इसलिए अलग बनाया गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम, उनका डाटा, विश्लेषण करने वाले लोग, सोशल मीडिया समेत सब अलग-अलग संचालित होता है।

इस टीम में गुजरात से लेकर दिल्ली तक के खास लोग शामिल रहते हैं। यह टीम इतनी तगड़ी है कि बूथ स्तर से भी ताजे तौर पर अपडेट देती रहती है। वहीं जानकारों का मानना है कि मध्यप्रदेश को केंद्र इसलिए चुना गया है क्योंकि यहां से छत्तीसगढ़ और राजस्थान जाना आसान है। ऐसे में जब जरूरत होगी तो भाजपा की केंद्रीय टीम जयपुर, रायपुर या इंदौर का दौरा कर सकती है।

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पार्टी लगातार 15 साल से सत्ता में है। ऐसे में बीजेपी के लिए सत्ता में खुद को बनाए रखना बड़ी चुनौती है। माना जा रहा है कि 2018 के चुनाव बीजेपी के लिए आसान नहीं हैं। पार्टी को कई जगहों पर कांग्रेस से कड़ी टक्कर मिल रही है। यही वजह है कि बीजेपी अब देश के ह्रदय स्थल यानि भोपाल को सेंटर प्वाइंट बनाकर काम करना चाहती है। जानकारों का मानना है कि पार्टी के लिए ये चुनाव बेहद अहम हैं, ऐसे में चुनाव को लेकर सक्रिय हो चुके अमित शाह भोपाल से ही पूरी कमान संभालना चाहते हैं।

पहले से आ रही थी सामने ये बातें …
दरअसल कुछ समय पहले से ही भोपाल को लेकर कई बातें सामने आ रही थी, जिसके तहत मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया राजधानी में शासकीय बंगला लेना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए बकायदा मध्यप्रदेश शासन को पत्र लिखकर बंगला देने की मांग की है।

वहीं यह भी कहा जा रहा था कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राजधानी में बंगले की तलाश करा रहे हैं। वे निजी बंगला किराए पर लेकर मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान यहां डेरा डालना चाहते हैं। उस समय भी यह कहा जा रहा था कि शाह भोपाल में रहकर विधानसभा के अलावा लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेंगे।

सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी कुछ समय पहले से राजधानी में निजी आवास की तलाश कर थे, जिसे वे चुनाव का ‘वार रुम’ बनाना चाहते थे।

पूर्व में उनके अपने विश्वासपात्र ही निजी आवास की तलाश कर रहे थे। बताया जाता है कि शाह मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति भोपाल में रहकर बनाएंगे। वे यहां पर रहते हुए तीनों राज्यों पर नजर रखेंगे। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए इन तीनों राज्यों में भाजपा की सीटें बढ़ाना चाहते हैं, इस लिहाज से वे अपना आशियाना ढूंढ रहे थे।

वहीं हाल ही में कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि मैं मध्यप्रदेश के गुना से सांसद हूं, विकास कार्यों के लिए कई बार मुझे भोपाल आना-जाना रहता है। मैं इस राज्य से सांसद होने के नाते शासकीय आवास की पात्रता भी रखता हूं। इस लिहाज से मुझे शासकीय आवास आवंटित किया जाए।

सिंधिया पूर्व में जब भोपाल आते थे तो होटल या रेस्ट हाउस में रुक कर गुना या फिर दिल्ली के लिए रवाना हो जाते थे, लेकिन अब सिंधिया को कांग्रेस ने चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया जा चुका है, इस लिहाज से उनका राजधानी आना ज्यादा होने के साथ ही उन्हें यहां पर रुकना भी पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस लिहाज से सिंधिया ने शासकीय आवास की मांग की है।