मध्यप्रदेश : 30 हजार शिक्षकों की भर्ती के नए आदेश, जरूर पढ़िये

मध्यप्रदेश

भोपाल। मप्र में शिक्षकों की मप्र संविदा शिक्षक भर्ती की जगह इस बार मप्र शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की जा रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मप्र शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश GOVERNMENT teachers recruitment 2018 latest news दे दिए हैं। सीएम शिवराज सिंह ने यह आदेश आज मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में दिए। इससे पहले यह मप्र संविदा शिक्षक भर्ती के नाम से पुकारी जाती थी।

इससे पहले सीएम शिवराज सिंह ने ऐलान किया था कि अब मप्र में कोई संविदा भर्ती नहीं होगी, ऐसे में आगामी भर्ती को नियमित शिक्षक भर्ती sarkari naukari प्रक्रिया कहा जा रहा है।
वहीं सूत्रों के अनुसार अभी यह तय नहीं हुआ है कि भर्ती प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड करवाएगा या किसी अन्य माध्यम से की जाएगी। बताया जा रहा है कि कुल 30 हजार रिक्त पदों के लिए भर्ती GOVERNMENT TEACHERS RECRUITMENT 2018 latest news परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार सीएम ने शिक्षा विभाग में नियमित शिक्षकों की भर्ती MP teachers Bharti करने की प्रक्रिया भी तत्काल शुरू करने को कहा। वहीं यह बात भी सामने आ रही है कि बैठक में अधिकारियों ने यह बताया कि 15 अगस्त तक नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया MP teachers bharti की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। ज्ञात हो कि इससे पहले कहा गया था कि मप्र संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शिक्षण सत्र sarkari naukari शुरू होने से पहले समाप्त कर ली जाएगी।

भर्ती चुनाव से ठीक पहले!…
वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा इस बार भी चुनाव से पहले शिक्षकों की भर्ती sarkari naukari करा कर अपने वोट बैंक को बढ़ाने का कार्य कर रही है। जानकारों का कहना है कि इससे पहले भी संविदा शिक्षकों की भर्ती चुनाव से ठीक पहले ही कराई गई थी, यानि वर्ष 2011 में मप्र में संविदा शिक्षक परीक्षा MP teachers bharti आयोजित की गई थी, वहीं परीक्षा के दो साल बाद तक भर्ती प्रक्रिया चलती रही। जिसके चलते भाजपा को चुनावों में अच्छी खासी जीत मिली थी, जबकि कहा गया था कि अब ये परीक्षा हर साल कराई जाएंगी।

जिसके तहत अगली परीक्षा वर्ष 2014 में होनी थी, लेकिन आज तक यह परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी है। जिसके बाद इस बार फिर चुनाव से पहले परीक्षा करने की तैयारी संदेह उत्पन्न कर रही है।
वहीं कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव में वोट बैंक बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने 70 हजार युवाओं को नौकरी देने की प्रक्रिया को अब फिर शुरू कर दिया है।

इंतजार कर रहे हैं लाखों उम्मीदवार(TEACHERS BHARTI EXAM DATE)
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती का करीब 10.23 लाख उम्मीदवार इंतजार कर रहे हैं। जबकि कई की तो उम्र भी इंतजार में ही निकल गई, इनमें बीएड के अलावा डीएलएड डिग्री वाले भी हैं। वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के 80 हजार अतिथि शिक्षक इस भर्ती में आरक्षण की मांग कर रहे हैं।

अध्यापक संविलियन आदेश को लेकर दुविधा में शिक्षक…
वहीं दूसरी ओर MP में अध्यापक संविलियन आदेश को लेकर शिक्षक इन दिनों दुविधा में फंसे हुए है। दरअसल पहले माना जा रहा था कि अब सभी का शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया जाएगा, परंतु बाद में यह बात सामने आई कि एक नया संवर्ग बनाया जा रहा है, जिसमें पदनाम शिक्षा विभाग के पदमानों से मिलते जुलते होंगे। ऐसे में जहां एक ओर इसे लेकर अफवाहों का दौर जारी था वहीं दूसरी ओर अध्यापक सरकार की तरफ से आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार कर रहे थे।

इस बीच एक ओर बात सामने आई थी कि 13 जुलाई को सीएम शिवराज सिंह संविलियन आदेश जारी करने वाले हैं। इसी दिन अध्यापकों की ओर से उनका सम्मान किया जाएगा, परंतु फिर ऐसा भी कोई आदेश या कार्य नहीं हुआ। जिसके चलते 13 जुलाई सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक अध्यापकों द्वारा आदेश का इंतजार किया जाता रहा।

वहीं कहा जा रहा है कि आजाद अध्यापक संघ का प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों मुख्यमंत्री से मिला जहां पर मुख्यमंत्री ने संघ की मांगे मान ली। कहा ये भी जा रहा है कि अध्यापकों की सभी मांगें मान लीं गईं हैं और इनके आदेश 31 जुलाई तक जारी हो जाएंगे।

गौरतलब है कि सीएम शिवराज सिंह ने खुद ऐलान किया था कि अध्यापक अब शिक्षा विभाग के कर्मचारी होंगे, लेकिन बाद में राज्य शिक्षा सेवा को मंजूरी दे दी गई।

इस तरह सरकार ने अध्यापकों को तीसरी बार नया पदनाम दे दिया अध्यापकों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था और एक बार फिर विरोध की बातें शुरू हो गईं थीं। पिछले बीस साल से आंदोलनरत अध्यापकों को इस बार सरकार से बड़ी उम्मीद थी शिक्षा विभाग की मांग की जा रही थी, जिससे अध्यापकों को बीमा, पेंशन, तबादला व शिक्षक संवर्ग के समान अन्य सुविधाएं मिलतीं, लेकिन सरकार ने राज्य शिक्षा सेवा का गठन कर दिया।

ये है परेशानी…
हर रोज समाने आ रही नई नई बातों को लेकर दन दिनों मध्यप्रदेश के करीब 2.8लाख अध्यापक काफी कंफ्यूज हैं। दरअसल एक ओर जहां अब तक आदेश जारी नहीं हुए वहीं दूसरी ओर सीएम शिवराज सिंह के लगातार चलने वाली चुनावी दौरे शुरू हो गए हैं।