MP: Congress से में मचने वाली है हड़कंप, कई विधायक होने वाले है भाजपा में शामिल, पढ़िए

मध्यप्रदेश में बीजेपी गिराएगी सरकार? विधायकों के रेट तय, तीन किश्तों में होगा भुगतान…

मध्यप्रदेश

भोपाल/ कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के आरोपों के बाद मध्यप्रदेश की सियासत में सनसनी फैल गई है। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले दिग्विजय सिंह ने बेहद ही संगीन आरोप बीजेपी पर लगाए हैं। उन्होंने दिल्ली में पीसी कर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश में बीजेपी सरकार गिराएगी। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि इसके लिए विधायकों के रेट भी तय हो गए हैं।

दिल्ली में दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीजेपी जब से विपक्ष में आई है, उसके बाद से ही नरोत्तम मिश्रा और शिवराज सिंह चौहान खुलेआम कांग्रेस विधायकों को तोड़ने में लगे हैं। वे हमारे विधायकों को खरीदने के लिए 25-30 करोड़ रुपये का ऑफर दे रहे हैं। इस राशि का भुगतान तीन किश्तों में होगा। पहली किश्त राज्यसभा चुनाव से पहले, दूसरी किश्त राज्यसभा चुनाव के बाद और तीसरी किश्त सरकार गिराने के बाद विधायकों को दिए जाएंगे। कई विधायकों से इसके लिए अप्रोच किया गया है।

तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं
दिग्विजय सिंह से जब पूछा गया कि आप किस आधार पर ये बातें कह रहे हैं। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं बिना सबूत के किसी पर कोई आरोप नहीं लगाता हूं। विधायकों को खरीदने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की पुख्ता जानकारी मेरे पास है। इनका सीधा आरोप शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा पर है। उन्होंने कहा कि एमपी में बीजेपी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है।

बिकाऊ नहीं हैं हमारे विधायक
इन आरोपों के बीच के दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि हमारे विधायक बिकाऊ नहीं हैं। ये कर्नाटक के विधायक हैं। मैं बीजेपी नेताओं से तो यहीं कहूंगा कि वह इन हरकतों से बाज आएं, मैं उनसे यहीं कहूंगा कि वह पांच साल के लिए शांत बैठे, फिर मैदान में आएंगे तो देखा जाएगा। प्रलोभन तो कांग्रेस के विधायकों को दिया जा रहा है। उन्होंने बार-बार दोहराया कि मध्यप्रदेश कर्नाटक नहीं है।

शिवराज ने दिया जवाब

दिग्विजय सिंह के आरोपों पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जवाब देते हुए कहा कि सनसनी पैदा करने के लिए झूठ बोलना उनकी पुरानी आदत है। हो सकता है कि वह मुख्यमंत्री को ब्लैकमेल करना और अपना महत्व दिखाना चाहते हैं। इसलिए वह इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि एमपी की संस्कृति में कभी ऐसी नहीं रही है। मैं दिग्विजय सिंह के बयान की निंदा करता हूं।

तीसरी सीट के लिए है माथापच्ची
नौ अप्रैल को मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। एक-एक सीट तो सीधे बीजेपी और कांग्रेस के खाते में जा रही है, जिस पर कोई विवाद नहीं है। पेंच तीसरी सीट को लेकर फंसी है। इस सीट के लिए दोनों ही दलों के पास बहुमत नहीं है। कांग्रेस को इसके लिए दो वोट की जरूरत है और बीजेपी को छह वोट। ऐसे में यह तय है कि दोनों अपने-अपने उम्मीदवार इस सीट पर उतारेंगे। इसी को लेकर दिग्विजय सिंह हॉर्स ट्रेडिंग की संभावना जता रहे हैं।

बीजेपी की बड़ी बैठक
दिग्विजय सिंह जब दिल्ली में यह आरोप लगा रहे थे तब भोपाल स्थित बीजेपी मुख्यालय में बीजेपी की बड़ी बैठक चल रही थी। जिसमें बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की मौजूदगी में पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद थे। शिवराज सिंह चौहान से लेकर गोपाल भार्गव तक इस मीटिंग में बैठक हुए थे। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में जरूर राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई होगी। क्योंकि दिल्ली में मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल की बैठक है। जिसमें शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।

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