मध्यप्रदेश के अतिथि विद्वानों के लिए ये है बेहद जरूरी खबर, अभी नहीं पढ़ा तो...

अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण : MP GOVERNMENT NEWS

मध्यप्रदेश

भोपाल। नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले करीब 82 दिनों से राजधानी के शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन कर रहे अतिथि विद्वानों atithi vidwan को उच्च शिक्षा विभाग च्वॉइस फिलिंग के आधार पर प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में नियुक्ति दे रहा है।

वहीं नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अतिथि विद्वानों atithi vidwan का कहना है कि उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी व सरकार की ओर से बयान आ रहे हैं कि कोई भी अतिथि विद्वान atithi shikshak सेवा से बाहर नहीं होगा। चॉइस फिलिंग से फालेन आउट अतिथि विद्वानों को पुन: अतिथि विद्वान व्यवस्था में लिया जाएगा।

इसका मतलब यह है कि अतिथि विद्वान atithi shikshak बनाने को ही सरकार उनका नियमितीकरण मान कर चल रही है। वहीं मोर्चा के संयोजक डॉ. सुरजीत भदौरिया का कहना है कि हम सरकार से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं और सरकार हमें दोबारा अतिथि विद्वान atithi vidwan बनाना चाहती है।


अतिथि विद्वानों के विरुद्ध षड्यंत्र ! …
अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के मीडिया प्रभारी डॉ. आशीष पांडेय के मुताबिक कमलनाथ सरकार अतिथि विद्वान atithi shikshak नियमितीकरण को चॉइस फिलिंग choice filling के नाम पर भ्रमित न करे।

चॉइस फिलिंग और नियमितीकरण दोनों अलग-अलग विषय हैं। अतिथि विद्वानों atithi vidwan ने कभी चॉइस फिलिंग का समर्थंन नही किया, क्योंकि चॉइस फिलिंग अतिथि विद्वानों को दोबारा उसी जानलेवा व शोषणकारी अतिथि विद्वान atithi shikshak व्यवस्था की भट्टी में झोंकने का सरकारी षड्यंत्र है, जिसमें अतिथि विद्वान पिछले दो दशकों से जल रहे हैं।

अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण की योजना ही नहीं! :
इधर, जानकारों की मानें तो उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि विद्वानों atithi shikshak के नियमितीकरण की योजना ही नहीं है। जबकि शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने बताया है कि महाविद्यालयों में अतिथि विद्वानों के 618 पदों के लिए च्वॉइस फिलिंग के आधार पर करीब 465 अतिथि विद्वान atithi vidwan ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। बाकी पदों के लिए दोबारा चॉइस फिलिंग कराते हुए मेरिट सूची जारी कर कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया जारी है।

एमपीपीएससी पास कर 756 अतिथि विद्वान atithi vidwan भी बनें हैं सहायक प्राध्यापक…
इससे पहले दिसंबर 2019 में मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) से 3148 नियमित नियुक्तियां की गईं, जिनमें लगभग 756 अतिथि विद्वानों atithi vidwan का भी चयन हुआ। लोक सेवा आयोग से चयन प्रक्रिया में अतिथि विद्वानों atithi shikshak को 20 अंकों का अधिभार व आयु सीमा में पूर्ण छूट दी गई थी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभाग में कुल 4193 अतिथि विद्वान atithi vidwan हैं, जिनमें से 2563 कार्यरत हैं। करीब 1630 अतिथि विद्वान atithi shikshak नियमित नियुक्तियों के चलते व्यवस्था से बाहर (फॉलन आउट) हुए हैं। नियमित नियुक्तियां व कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया जारी है, लिहाजा फॉलेन आउट अतिथि विद्वानों atithi vidwan की संख्या 2030 और कार्यरत की संख्या 2163 होने की संभावना है।

अब पीएचडी, नेट वालों को ही बना रहे अतिथि विद्वान…
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि नियमित नियुक्तियों के लिए निर्धारित योग्यता रखने वाले अतिथि विद्वानों atithi vidwan को मेरिट के अनुसार उनके द्वारा दिए गए विकल्प के आधार पर महाविद्यालय आवंटित atithi shikshak किए जाने की प्रक्रिया रही है और प्राचार्य, सचिव, जनभागीदारी समिति द्वारा आमंत्रण पत्र जारी किया जाता है। वर्ष 2010 तक अतिथि विद्वानों के लिए निर्धारित योग्यता पोस्ट ग्रेजुएट थी। उसके बाद योग्यता पीएचडी व नेट निर्धारित की गई।

2030 अतिथि विद्वान : 1500 पदों पर होगा मेरिट के आधार पर चयन…
शैक्षणिक सत्र 2010 -11 तक अतिथि विद्वानों atithi vidwan के चयन के लिए आवेदन अग्रणी महाविद्यालय (जिला स्तर) पर ऑनलाइन atithi shikshak प्राप्त कर मेरिट के आधार पर 10 या 11 माह के लिए आमंत्रण दिया जाता था।

वर्ष 2011 -12 से इस प्रक्रिया atithi shikshak को केंद्रीकृत व ऑनलाइन किया गया। वर्ष 2010 के बाद निर्धारित योग्यता के संदर्भ में कुल 4193 में से 1594 और अन्य 2030 में से 997 अतिथि विद्वान atithi vidwan ऐसे हैं, जो निर्धारित योग्यता नहीं रखते हैं।

मंत्री ने बताया कि अनुमानित तौर पर 2030 फॉलेन आउट अतिथि विद्वानों atithi vidwan के लिए 1500 पदों की व्यवस्था करते हुए मेरिट के आधार पर ऑनलाइन महाविद्यालय आवंटन की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में पूर्ण atithi shikshak की जा रही है।

Facebook Comments