मध्यप्रदेश : कई जिलों से आफत की बारिश, संपर्क टूटा, जारी रहेगी भारी बारिश

मध्यप्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारीबारिश का दौर जारी है। गुरुवार को भी कई जिलों से आफत की बारिश की खबरें आ रही हैं। सागर के बंडा में नदी में आई अचानक बढ़ से 9 लोग फंस गए हैं, जिन्हें बचाने के लिए हेलिकाप्टर की सहायता ली जा रही है।

मध्यप्रदेश में गुरुवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। बेतवा में बारिश के बाद विदिशा का संपर्क जबलपुर से कट गया है। यहां दो दिनों से विदिशा का संपर्क टूटा हुआ है। इसके अलावा भी कई जिलों से नदी नालों के उफान पर आने की खबरें आ रही हैं।

सागर जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर खुरई से 16 किलोमीटर स्थित मंझेला गांव में नरेन नदी की बाढ़ में तीन ग्रामीण बुधवार सुबह से घिरे हुए थे। जिन्हें वायुसेना केहेलिकाप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया। इससे पहले बुधवार को ढाना एयर स्ट्रिप से हेलिकॉप्टर ने दो बार उड़ान भरी, लेकिन मौसम खराब होने के कारण स्पॉट नजर नहीं आया और कोशिश नाकाम हो गई। अब एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार सुबह उन्हें सुरक्षित निकाल लिया।

इधर, सागर के पास स्थित राहतगढ़ के ढकरानियां में पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम ग्रामीणों को मोटर बोट की मदद से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकाल रही है।
-नरयावली के बसिया गांव के पास धसान नदी की बाढ़ में रात भर से फंसे एक परिवार के पांच लोगों को बचा लिया गया है।

यहां भी आई आफत
-बेतवा में बाढ़ के कारण विदिशा के बर्री घाट पुल और अम्बा नगर पुल पर पानी भर जाने से गंजबासौदा से सिरोंज, अशोकनगर और बीना का सड़क संपर्क टूट गया।
-बेतवा में बाढ़ के कारण पग्नेश्वर पुल पर पानी है, इस कारण
विदिशा का रायसेन से संपर्क टूट गया है। कौड़ी नदी पर बना अस्थाई पुल बह गया। इस कारण रायसेन-विदिशा का मार्ग बंद हो गया है।
अशोकनगर में गुरोध गांव के पास संगड़ नदी में बाढ़ आने से विदिशा का अशोकनगर से संपर्क कट गया है।
-गुना की डोगर और चंदेरी नदी उफान पर है। इस कारण गुना-मधुसूदनगढ़, फतेहगढ़-गुना और गुना जामनेर का रास्ता बंद है।

कटकहरी नदी का बहा पुल, दर्जनों गांवों का टूटा संपर्क
इधर, कटनी के उमरियापान से खबर है कि देवरी फाठक और भनपुरा मार्ग पर पड़ने वाली कटकहरी नदी का पुल बह गया है। बुधवार से इसका कई गांवों से संपर्क टूट गया है। पुल टूट जाने के बाद हरदी, देवरी पाठक, अमकुही, भनपुरा, खिरवा, भसेड़ा, झुनकी, भटगवां, मुहारी, सहजपुरी, टोला, तिघरा सहित एक दर्जन गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया। गांव के रामकिशोर दीक्षित, रविन्द्र शर्मा, रामकिशोर हल्दकार, मदन पटेल,बिहारी पटेल, जवाहर कुशवाहा, शिवकुमार हल्दकार, शिवम पटेल,आशीष पटेल सहित अन्य ने बताया कि पुल बह जाने से आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया। अब इन गांव के लोगों को उमरियापान व जिला मुख्यालय पहुंचने पिपरिया-ढूढ़ी मार्ग होकर 15 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।

-शाजापुर से खबर है कि यहां गुरुवार सुबह से जारी बारिश के कारण लालपुरा क्षेत्र में सोमवंशिया क्षत्रि राम मंदिर की दीवार ढह गई। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। कई स्थानों पर यहां भी पानी भर गया है।

जल स्तर बढ़ने से डैम का खुलना शुरू
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद कई डैम भरने लगे हैं। तवा डैम में भी दो फीट पानी बढ़ गया है। सागर का राजघाट डैम भी लबालब हो चुका है। इसके अलावा सभी नदियां उफान पर हैं। नर्मदा नदी के जलस्तर में भी 8 फीट की बढ़ोतरी हो गई है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए होशंगाबाद और नर्मदा के तटीय इलाकों में 24 घंटे का अलर्ट रहने को कहा गया है। इसके अलावा सारनी का सतपुड़ा डैम भर गया है। इसलिए इस डैम के 5 गेट खोलने पड़े हैं।