मध्यप्रदेश : इन शिक्षकों और छात्रों को शिवराज सरकार देने जा रही बड़ी सौगात, जरूर पढ़िये

मध्यप्रदेश

भोपालः मध्य प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान रूठों को मनाने की हर मुम्किन कोशिश करने में जुटे हुए हैं। इसे लेकर पिछले दिनो काफी चर्चा में रहा संविदा शिक्षाकर्मियों का विरोध भी को भी सरकार नज़रअंदाज़ नहीं कर रही है। हालांकि, सीएम पहले ही इस बात को साफ कर चुके हैं कि, मध्य प्रदेश में कोई संविदा भर्ती नही की जाएगी, लेकिन शिक्षकों के इस बड़े तबके को मनाना भी सरकार की ज़रूरत बना हुआ है। इसी के चलते सीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इन छात्रों की होगी निशुल्क पढ़ाई

मंत्रालय में आयोजित की गई समीक्षा बैठक में सीएम शिवराज ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि, ज्यादा से ज्यादा इस कार्य में 15 अगस्त तक का समय लगे। इतने समय में नियमित शिक्षको की भर्ती होनी चाहिए।हालांकि, बैठक में इस बात पर चर्चा नहीं की गई कि, भर्ती की प्रक्रिया क्या होगी? यानि इसे प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा करवाया जाएगा या फिर किसी अन्य माध्यम से इन शिक्षकों का चयन होगा। इसके अलावा सीएम ने जन-कल्याणकारी संबल योजना के हितग्राहियों के विद्यार्थियों को लेकर भी कहा कि, योजना से जुड़े परिवारों के बच्चों की स्कूल और कॉलेजों की फीस नहीं ली जाएगी, उनकी शिक्षा निशुल्क होगी। सीएम ने रहा कि, अगर ऐसे बच्चों ने स्कूल या कॉलेज में फीस जमा कर दी है, तो प्रबंधन तुरंत ही उनके द्वारा भरी गई फीस लौटाएं। उन्होंने शिक्षा विभाग से कहा कि, तुरंत ही सभी स्कूल, कॉलेजों को स्पष्ट रू से इसकी जानकारी दें दें, ताकि बच्चों और प्रबंधनों के बीच किसी भी तरह के भ्रम की स्थिति न बने। बैठक में सीएम ने अधिकारियों को बताया कि, संबल योजना गरीबों को बड़ा सहारा देने वाली योजना हैं। उन्होंने हितग्राहियों के पंजीयन, तकनीकी बाधाओं को दूर करने और हितलाभ के भुगतान में आने वाली जटिलताओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।

10 लाख उम्मीदवारों को इंतजार

बैठक में शामिल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सीएम के निर्देशानुसार इस कार्य से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं 15 अगस्त तक पूरी कर ली जाएंगी। हालांकि, इससे पहले यह अटकलें भी सामने आ रही थीं कि, एमपी में संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया इस साल के शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले ही पूरी कर ली जाएंगी। आपको बता दें कि, मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए लगभग 10 लाख उम्मीदवार इंतजार में हैं। इनमें बीएड के अलावा डीएलएड किए हुए शिक्षक भी शामिल हैं। मध्यप्रदेश के 80 हजार अतिथि शिक्षक इस भर्ती में आरक्षण की मांग करते हुए सरकार का विरोध कर रहे थे। इसके पीछे कारण यह भी था कि, साल 2013 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने वादा किया था कि हर साल संविदा शिक्षक भर्ती नियमित रूप से होगी, लेकिन शिक्षा कर्मियों का विरोध था कि, जब से अब तक एक भी बार भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित नहीं की गई है।