मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 : कांग्रेस के पास सिर्फ एक विकल्प, इन्हे बनाये मुख्यमंत्री तभी बनेगी सरकार

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विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मध्‍य प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष कमलनाथ और चुनाव प्रचार कमेटी के अध्‍यक्ष ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया के समर्थकों के बीच ऑनलाइन पोस्‍टर वार की खबरों के बीच कांग्रेस में समन्वय के लिए बनाई गई समन्वय समिति के सदस्य और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी का कहना है कि राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी का चेहरा सिर्फ ज्योतिरादित्य सिंधिया ही हो सकते हैं, उनका विकल्प कोई और नहीं हो सकता.

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चतुर्वेदी ने कहा, “इस प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में लाना है तो सिंधिया को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाना होगा, पिछले आठ साल से यही बात कहता आ रहा हूं और आज भी उसी पर कायम हूं. सच्चाई यही है कि कांग्रेस को राज्य में सरकार बनाने के लिए सिंधिया को चेहरा बनाना ही होगा.”

जवाब में ये कहा, “सिंधिया युवा है, उनकी कार्यशैली और राजनीति पूरी तरह पारदर्शी है, वे निर्विवाद नेता हैं, उनमें युवाओं से लेकर बुजुर्ग पीढ़ी तक को जोड़ने की क्षमता है, प्रदेश की बहुसंख्यक आबादी उन्हें भावी मुख्यमंत्री के तौर देख भी रही है, लिहाजा पार्टी को उन्हें मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने में ज्यादा देरी नहीं करनी चाहिए.”

कांग्रेस में ये संकट
कांग्रेस और गुटबाजी के एक दूसरे का पर्याय होने के सवाल पर चतुर्वेदी ने साफ किया कि कांग्रेस के तमाम नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत का संकल्प लिया है, पार्टी में किसी तरह की गुटबाजी नहीं है, सभी मिलकर काम कर रहे है, हर कोई चाहता है कि कांग्रेस सत्ता में लौटे, लिहाजा कोई पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता.

राज्य की वर्तमान शिवराज सिंह चौहान की सरकार के सवाल पर चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य की जनता झूठी घोषणाओं से परेशान हो चुकी है. किसान, मजदूर, कर्मचारी या यूं कहें कि राज्य का हर वर्ग परेशानी के दौर से गुजर रहा है. इस सरकार के खिलाफ जमीनी स्तर पर व्यापक असंतोष है. बस जरूरत इस बात की है कि कांग्रेस जमीनी स्तर पर सरकार की विफलताओं को आम जनता को बताए और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर किस तरह से आम आदमी की जिंदगी में बदलाव आएगा, इसे समझाना भी आवश्यक हो गया है.