रीवा में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, संयुक्त संचालक 1.5 लाख की रिश्वत लेते रंगे हांथों पकड़ाया

Crime Madhya Pradesh Rewa
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रीवा। मध्य प्रदेश की रीवा लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक को 1.50 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सायं उस समय की गई जब कार्यालय बंद होने में कुछ ही मिनट शेष रह गए थे। जैसे ही लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रिश्वत लेते हुए ट्रेप किया।

इसकी भनक लगते ही पूरे कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। अधिकांश कर्मचारी कार्यालय छोड़कर भाग गए। जब लोकायुक्त पुलिस की दबिश होने की बात पता चली तो सब अपने-अपने घर को चले गए। फिर लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की है।

ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त पुलिस से यह शिकायत ठेकेदार संतोष दुबे की ओर से की गई थी। जिसे योजना एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त संचालक आरके झारिया ने डेढ़ लाख रुपए रिश्वत लेकर कार्यालय बुलाया था। पूर्व से ही लोकायुक्त के अधिकारी उक्त कार्यालय के आसपास मौजूद थे। जैसे ही शिकायतकर्ता ने डेढ़ लाख रुपए रिश्वत के दिए, साथ ही लोकायुक्त के अधिकारियों को इसकी सूचना भी दे दी। जिसके चलते तत्काल टीम ने संयुक्त संचालक का चेंबर घेर लिया। कुछ देर बाद कार्यायल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

71 लाख रुपए का प्राक्लन तैयार किया जाना था

आनन फानन में सभी कर्मचारी बाहर निकलकर राहत की सांस ली। रीवा लोकायुक्त एसपी राजेन्द्र वर्मा की मानें तो विधायक निधि से यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण और टैंकर खरीदी के लिए 71 लाख रुपए का प्राक्लन तैयार किया जाना था। जिसके एवज में संयुक्त संचालक आरके झारिया ने डेढ़ लाख रुपए की मांग की थी। जैसे ही आरके झारिया ने रिश्वत की रकम ली वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया।

विधायक निधि से यात्री प्रतीक्षालय के निर्माण और टैंकर खरीदी के लिए 71 लाख रुपए का प्राक्लन तैयार किया जाना था। संयुक्त संचालक आरके झारिया ने इसके लिए डेढ़ लाख रुपए की मांग की थी। –राजेन्द्र वर्मा, एसपी लोकायुक्त रीवा

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