इन 14 राज्यों की 400 से ज्यादा सीटों पर BJP को टक्कर देने की तैयारी में संयुक्त विपक्ष

इन 14 राज्यों की 400 से ज्यादा सीटों पर BJP को टक्कर देने की तैयारी में संयुक्त विपक्ष

उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बीजेपी के खेमे में ज्यादा हलचल दिखाई दे रही है. बीजेपी अध्यक्ष ‘जनसंपर्क अभियान’ के तहत एक-एक करके सभी बीजेपी शासित राज्यों का दौरा कर रहे हैं. उधर, विपक्षी पार्टियां बीजेपी के खिलाफ चुनाव पूर्व गठबंधन बनाने की कोशिश में हैं. हालांकि संयुक्त विपक्ष का नेता कौन होगा? इस पर आम राय नहीं बन सकी है. विपक्षी दल हर राज्य में बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर संयुक्त उम्मीदवार उतारना चाहते हैं. 

संयुक्त विपक्ष की नजर 14 राज्यों की 400 से ज्यादा सीटों पर है. इनमें से अधिकांश राज्यों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों ने 2014 में अभूतपूर्व सफलता पाई थी. यह सफलता मतों के विभाजन के कारण मिली थी. इसलिए इस बार विपक्षी पार्टियों का प्रयास एकजुट होकर बीजेपी से मुकाबला करने का है. 

संयुक्त विपक्ष इन 14 राज्यों की 400 लोकसभा सीटों पर बीजेपी को मात देने की जुगत में है. ये राज्य मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, झारखंड हैं. सीटों के लिहाज से बात करें तो उत्तर प्रदेश में लोकसभा की उत्तर प्रदेश 80, पश्चिम बंगाल में 42, आंध्रप्रदेश में 42, बिहार में 40, कर्नाटक में 28, महाराष्ट्र में 48, झारखंड में 14, मध्यप्रदेश में 29, छत्तीसगढ़ में 11, राजस्थान में 25, गुजरात में 26, उत्तराखंड में 5, पंजाब में 13, हरियाणा में 10 और हिमाचल प्रदेश में 4 सीटें हैं. 

इन 6 राज्यों में बीजेपी-कांग्रेस में सीधी टक्कर
छह राज्यों की 100 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस और बीजेपी में सीधी टक्कर है. हालांकि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में कांग्रेस के बीएसपी से गठबंधन की खबरें आ रही हैं लेकिन औपचारिक तौर पर अभी कोई बात सामने नहीं आई है. दूसरा तथ्य यह है कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं. तीनों राज्यों में बीजेपी की पिछले डेढ़ दशक से बीजेपी की सरकार है. ऐसे में कांग्रेस को सत्ता विरोधी लहर का लाभ मिल सकता है.  

सीट बंटवारे पर नहीं बन रही बात
बीजेपी को हराने के लिए सभी विपक्षी पार्टियां एकजुट होने का प्रयास जरूर कर रही हैं लेकिन लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर स्पष्ट तौर पर उनमें भी रायशुमारी नहीं बनी. उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के बीच फिलहाल जो सीट शेयरिंग का फॉर्मूला बताया जा रहा है उसके मुताबिक दोनों पार्टियां 40-40 सीटों पर लड़ेंगी. सपा, अपने खाते से कांग्रेस को 10 सीटें देगी जबकि बसपा अन्य सहयोगी दलों को अपने खाते से सीटें देगी. देखना होगा कि क्या कांग्रेस 10 सीटों के लिए सहमत होती या नहीं.

वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस-बसपा का गठबंधन लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ेगा. बीजेपी के लिए खासी मुश्किल होगी. बात महाराष्ट्र की करें तो यहां भी कांग्रेस और एनसीपी में गठबंधन लगभग फाइनल हो गया है. बिहार में आरजेडी और कांग्रेस का गठबंधन पहले से ही है. जीतनराम मांझी भी आरजेडी के साथ हैं. हालांकि आरजेडी और कांग्रेस में सीटों के बंटवारे को लेकर हल्की सी खींचतान है. तमिलनाडु में भी डीएमके और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं.