मंदसौर केस: बच्ची ने 15 मिनट में बयां की हैवानियत की दास्तां

मंदसौर केस: बच्ची ने 15 मिनट में बयां की हैवानियत की दास्तां

इंदौर क्राइम मध्यप्रदेश

इंदौर। एमवाय अस्पताल में भर्ती चार वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने गुरुवार को 15 मिनट में अपने साथ हुई हैवानियत की दास्तां बयां कर दी। बयान लेने विशेष तौर पर महिला मजिस्ट्रेट पहुंचीं। मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. शरद थोरा ने इसकी पुष्टि की। मजिस्ट्रेट ने प्रायवेट रूम में जाकर पहले बच्ची से 15-20 मिनट हल्कीफुल्की बातें कीं, फिर घटना को लेकर सवाल-जवाब किए। बच्ची ने 15 मिनट में हैवानियत की दास्तां सुनाई। इस जानकारी को मजिस्ट्रेट के साथ आए कर्मचारी ने लैपटॉप में दर्ज किया।

मालूम हो, बुधवार को मंदसौर से पहुंची पुलिस को अस्पताल प्रशासन ने बच्ची की मानसिक स्थिति का हवाला देकर बयान लेने से मना कर दिया था। अस्पताल प्रशासन ने पैनल बनाने की बात कही थी। गुरुवार सुबह पैनल ने बच्ची के बयान देने की स्थिति में होने की जानकारी दी। उधर दोनों आरोपितों इरफान और आसिफ को गुरुवार को मंदसौर जेल भेज दिया गया।

शिवराज पहुंचे एमवायएच, बोले-जल्द चालान पेश कर दिलाएंगे फांसी

मंदसौर दुष्कर्म कांड के सप्ताह भर बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान गुरुवार को एमवाय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अधीक्षक कक्ष में ही बच्ची के परिजन और डॉक्टरों से बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट जल्द सजा सुनाए इसका प्रयास किया जा रहा है।

दुष्कर्म करने वाले दरिंदों ने मानवता को कलंकित किया है, वह धरती पर बोझ है। मैंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से चर्चा की है। बेटी का इलाज अच्छा चल रहा है। मैं तीन दिन में दर्जनों बार डॉक्टरों और अफसरों से फोन कर बेटी के स्वास्थ्य की जानकारी लेता रहा। सतना की बेटी की भी शिक्षा, इलाज व अन्य व्यवस्था प्रशासन कराएगा।