मध्यप्रदेश : 56 विधायकों को लेकर आ रही बड़ी खबर, कट सकती है इनकी टिकट

मध्यप्रदेश

भोपाल। भाजपा विधायकों से नाराज कार्यकर्ता अब प्रदेश मुख्यालय को शिकायतें भेजने लगे हैं। भाजपा कार्यालय में 56 विधायकों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें मिली हैं। कार्यकर्ताओं ने ये शिकायतें पत्र के जरिए प्रदेश कार्यालय भेजी हैं।

इनमें मध्यभारत,महाकौशल,बुंदेलखंड और ग्वालियर चंबल के विधायक शामिल हैं। कुछ शिकायती पत्रों में नाम हैं तो कुछ में लिखा है आपका शुभचिंतक या एक आम आदमी। भाजपा को मिली शिकायतें कुछ इस तरह की हैं, विधायक कार्यकर्ताओं और जनता को तवज्जो नहीं देते, जनता की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं है, विधायक के परिजन डरा-धमकाकर अवैध वसूली करते हैं, अगर इनको टिकट दी गई तो वो इनको वोट नहीं करेंगे और भाजपा ये सीट हार जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि अब इन विधायकों का टिकट कट सकता है।

एक पत्र में आया है कि ग्वालियर-चंबल अंचल के मंत्रियों तक तो कार्यकर्ता की पहुंच ही नहीं है। ये सारी शिकायतें प्रदेश की अनुशासन समिति को भेज दी गई हैं। अनुशासन समिति इनकी जांच करा रही है, यदि शिकायतें सही पाई गईं तो प्रदेश संगठन इस संबंध में आगे विचार करेगा।

– 120 विधायकों की परफॉर्मेंस खराब संगठन के सर्वे में ये बात पहले ही सामने आ चुकी है कि 120 विधायकों की परफार्मेंस ठीक नहीं है इनमें 18 मंत्री भी शामिल हैं। अब इन विधायकों के खिलाफ लिखित शिकायतें भी मिलने लगी हैं जिसने संगठन की चिंता बढ़ा दी है। चिंता की बात ये भी है कि पत्रों में ये भी उल्लेख किया गया है कि ये शिकायतें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को भी भेजी गई हैं।

– मुख्यालय में लग चुके हैं मुर्दाबाद के नारे साल 2013 के चुनाव के पहले भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं के खूब मुर्दाबाद के नारे लग चुके हैं। यहां तक कि कार्यालय का कांच तक फोड़ दिया गया था। टिकट के दावेदारों ने प्रदेश कार्यालय को शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बना लिया था।

तत्कालीन कार्यालय मंत्री आलोक संजर और कार्यालय प्रभारी विजेंद्र सिंह सिसोदिया को कार्यकर्ताओं को समझाने का जिम्मा सौंपा गया था। संगठन इस आशंका से भी परेशान है।

– पार्टी को मिल रहीं निर्दलीय चुनाव लडऩे की धमकी पार्टी के कई नेता टिकट के लिए दबाव बनाने लगे हैं कुछ एेसे हैं जो टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लडऩे की बात करने लगे हैं। अशोक नगर जिला पंचायत के अध्यक्ष मलकीत सिंह मुंगावली से टिकट मांग रहे हैं, वो कहते हैं कि यदि इस बार टिकट नहीं मिली तो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।

काला पीपल से पूर्व विधायक बाबूलाल वर्मा कहते हैं कि उनको सेटिंग नहीं आती इसलिए पिछले बार उनका टिकट काट दिया गया। चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी प्रदेध अध्यक्ष से मिलकर चुनाव लडऩे की इच्छा जता चुके हैं। पूव विधायक परशराम मुद्गल ने भी साफ कर दिया है कि चुनाव तो वो लड़ेगे भाजपा टिकट दे या न दे।

– कांग्रेस 27 विधायक रडार पर कांग्रेस भी अपने विधायकों को जांच परख रही है। कांग्रेस के २७ मौजूदा विधायक पार्टी के रडार पर हैं। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ बैठकों में ये संकेत दे चुके हैं कि 27 विधायकों को विधानसभा चुनाव में मौका नहीं दिया जाएगा। कमलनाथ इन विधायकों के परफार्मेंस से संतुष्ट नहीं हैं।

प्रदेश मुख्यालय को मिली शिकायतें अनुशासन समिति को भेजी जा रही हैं। समिति गुण-दोष के आधार पर अपना फैसला करेगी, सारे तथ्य सिफारिशों के साथ प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिए जाएंगे,आगे कार्रवाई का अधिकार उनका है।

– केशव पांडे अध्यक्ष, भाजपा अनुशासन समिति

विधायकों के बारे में फीडबैक लिया जा रहा है, जिसका परफार्मेंस ठीक नहीं होगा उसके मौका नहीं दिया जाएगा,इस बार आधार सिर्फ जीत ही होगी।

– मानक अग्रवाल अध्यक्ष,कांग्रेस मीडिया विभाग<