डिप्टी सीएम के बाद अब कांग्रेस के बावरिया ने इन्हें बताया MP का भावी CM, घिरे विवादों में

भोपाल मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश में एक तरफ विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच भाजपा जहां कार्यकर्ताओं-मतदाताओं तक पहुंचने के लिए जी-तोड़ मेहनत में जुटी है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस में सीएम और डिप्टी सीएम पद के नाम तय करने की होड़ मची हुई है। इससे कांग्रेस पार्टी की उलझनें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

प्रदेश के दिग्गज कांग्रेस नेता अपने ही नेताओं के बयानों को लेकर सफाई देते-देते थक गए हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के बयान विवादों का रूप लेते रहे हैं। इस बार उन्होंने मंदसौर में विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने पर कमलनाथ या ज्योतिरादित्य सिंधिया में से किसी एक के मुख्यमंत्री होने का बयान दिया है। इस बयान की पुष्टि को लेकर रविवार को नवदुनिया ने जब उनसे संपर्क किया तो उन्होंने उस बयान को दोहराया और कहा कि इन दोनों में से ही कोई एक मुख्यमंत्री बनेगा।

पूर्व के बयान वापस लेना पड़े थे

चाहें वह विस चुनाव में 60 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को टिकट नहीं देने की बात हो या फिर राशि देकर दावेदारों से आवेदन कराने संबंधी फैसला, बाबरिया को इन्हें वापस लेना ही पड़ा। पीसीसी में अजा विभाग की एक बैठक में भी उन्होंने विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी को डिप्टी सीएम बनाने की घोषणा कर दी थी। इसे लेकर पार्टी के भीतर ही अजा के कुछ अन्य नेताओं ने आपत्ति जताई थी।

सिंधिया ने दी थी सफाई

इन बयानों से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से लेकर सिंधिया, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, अजय सिंह, कांतिलाल भूरिया जैसे नेता बचने के लिए हाईकमान के अधिकार क्षेत्र की बात कर रहे हैं। बाबरिया के अनुसूचित जाति विभाग के चौधरी को डिप्टी सीएम बनाने के बयान पर शनिवार को ही सिंधिया ने पत्रकारों से चर्चा में सफाई भी दी थी। इसमें उन्होंने साफतौर पर कहा था कि कोई सीएम, डिप्टी सीएम, मंत्री या विधायक नहीं, बल्कि हमें जनता के मुद्दों को लेकर जाना होगा।