मंदसौर

मंदसौर में हुए मासूम बच्ची के रेप के विरोध की आग में दहला पूरा एमपी, दरिंदों को फांसी की मांग

क्राइम मध्यप्रदेश राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में सात साल की एक बच्ची से निर्भया मामले जैसी हैवानियत सामने आने के बाद जिले में प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को लोगों ने विरोध में दुकानें बंद रखीं. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर पांच दिन के लिए रिमांड पर भेजा है. अस्पताल में भर्ती बच्ची इस समय जिंदगी की जंग लड़ रही है.

सात साल की बच्ची के साथ मंगलवार को स्कूल से किडनैप करके बलात्कार किया गया. इसके बाद आरोपी ने बच्ची पर बर्बरता से हमले किए. उसके प्राइवेट पार्ट्स को नुकसान पहुंचाया. साथ ही गला रेतकर हत्या की कोशिश की. बच्ची मंगलवार को स्कूल से गायब हुई थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के साथ इस हद तक हैवानियत की गई है कि डॉक्टर भी कांप गए हैं. डॉक्टर्स ने बताया कि अस्पताल में भर्ती पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है. डॉक्टरों ने बताया कि गुरुवार को उसके शरीर ने कई सर्जरी को झेला है. उस पर धारदार हथियार से कई वार किए गए जिससे उसके शरीर में गहरे घाव हैं.

बच्ची के गले में भी 3 सेंटीमीटर का घाव है. रेप के कारण बच्ची के अंदरूनी पार्ट्स पूरी तरह से डैमेज हो चुके हैं. उसके चेहरे और नाक पर भी जगह-जगह दांत से काटने के निशान हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि बच्ची के साथ इस हद तक बर्बरता की गई कि उसका मलाशय तक फट गया है. प्राइवेट पार्ट्स में नुकीले हथियार से वार किया गया.

घटना के विरोध में कई मुस्लिम समुदाय गुरुवार को सड़कों पर दिखे. वक्फ अंजुमन इस्लाम समिति सदर मोहम्मद यूनुस शेख ने मंदसौर एसपी मनोज सिंह के समक्ष ज्ञापन सौंपने के लिए शिष्टमंडल का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा, समुदाय में इस तरह के जघन्य अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है.

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई और दोषी के लिए मृत्युदंड की मांग की है. युनूस शेख ने आगे कहा, इस तरह का निर्मम अपराध माफी के लायक नहीं है. हमने निर्णय लिया है कि हम अपराधी के शरीर को जिले के किसी भी कब्रिस्तान में दफन नहीं होने देंगे.

मंदसौर के वकीलों ने घोषणा की है कि वह आरोपी इरफान का केस नहीं लड़ेंगे. मंदसौर बार असोसिएशन ने इरफान का बहिष्कार करने का फैसला किया है और कहा कि 100 वकीलों का दल पीड़िता के पक्ष में पेश होगा. तमाम स्कूली बच्चियों ने भी बस स्टैंड पर बैठकर प्रदर्शन किया. मंदसौर से 31 किमी दूर सीतामऊ पब्लिक स्कूल की बच्चियों ने स्कूल यूनिफॉर्म में अपने हाथों को काले रिबन बांधकर प्रदर्शन किया.

दूसरी ओर मंदसौर के विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस और प्रशासन को घटना की पूरी जांच और ट्रायल के आदेश दिए हैं. शिवराज ने बताया कि पीड़िता की हालत में सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि कोर्ट में केस की जल्द सुनवाई होनी चाहिए और अपराधी को इतने निर्मम अपराध के लिए मरने तक फांसी पर लटकाया जाना चाहिए.

बता दें कि पुलिस ने मामले में इरफान उर्फ भय्यू को गिरफ्तार किया है. उसे पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भी भेजा गया. एसपी ने बताया, हमने आरोपी से पूछताछ की है लेकिन इस समय उसका खुलासा नहीं किया जा सकता है.

पुलिस मामले में इरफान के अलावा किसी अन्य आरोपी के शामिल होने से इनकार नहीं कर रही है. एसपी मनोज सिंह ने बताया, हम गैंगरेप के एंगल से भी घटना की जांच कर रहे हैं. अभी बच्ची कोई बयान देने की स्थिति में नहीं है.

फिलहाल बच्ची बस कुछ देर के लिए आंख खोलती है और फिर बंद कर लेती है. डॉक्टरों का कहना है कि घाव बेहद गंभीर हैं जिन्हें भरने में वक्त लगेगा. बच्ची को एक यूनिट खून भी चढ़ाया गया है. साथ ही प्राइवेट पार्ट्स को संक्रमण से बचाने के लिए डॉक्टर कोशिशों में जुटे हैं. ठोस आहार नहीं दिया जा रहा है. उसके शरीर में कई घाव हैं.

पुलिस ने बताया कि बच्ची कक्षा दो में पढ़ती है. वह मंगलवार को स्कूल गई थी. शाम को उसके दादा उसे लेने पहुंचे तो पता चला कि बच्ची 15 मिनट पहले ही स्कूल से निकल चुकी थी. शाम को घरवालों ने पुलिस की सूचना दी.

बुधवार को सुबह लगभग दस बजे पुलिस को लक्ष्मण गेट के पास खून से लथपथ एक बच्ची के पड़े होने की सूचना मिली. पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया. लापता बच्ची के घरवालों ने बच्ची की पहचान की. पुलिस स्कूल में सीसीटीवी फुटेज चेक करने पहुंची तो पता चला कि वहां के सीसीटीवी का तार चूहों ने काट दिया था इसलिए वह काम नहीं कर रहा था.

पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें दिखा कि मंगलवार की शाम को लगभग पौने छह बजे एक शख्स बच्ची को साथ लेकर जा रहा है. पुलिस को आशंका है कि मंगलवार को इरफान बच्ची को टॉफी और स्नैक्स का लालच देकर किसी सुनसान इलाके में ले गया होगा.