BIG NEWS : आपकी 2 बेटियां हैं, आय 6 लाख सालाना से कम, तो....| MP NEWS 1

BIG NEWS : आपकी 2 बेटियां हैं, आय 6 लाख सालाना से कम, तो….| MP NEWS

Madhya Pradesh

भोपाल. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों के लिए प्रगति स्कॉलरशिप योजना शुरू की है। इसके तहत जिन परिवारों में दो बेटियां हैं उन बेटियों की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठाएगी। इसके लिए परिवार की सालाना आय छह लाख रुपए से कम होना आवश्यक है, उनमें से एक बेटी को एआईसीटीई (ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन) के इंजीनयरिंग या फार्मेसी कोर्स में फीस के बराबर स्कॉलरशिप मिलेगी।

एमएचआरडी की इस स्कॉलरशिप का फायदा विद्यार्थियों को शिक्षण सत्र 2020 से मिलना शुरू हो जाएगा। इससे परिवारों के सामने मोटी फीस का संकट दूर हो जाएगा।

फीस और किताबों के लिए एमएचआरडी देगी राशि
एमएचआरडी की ओर से इस स्कॉलरशिप के तहत छात्राओं को उनकी कॉलेज फीस और बुक्स के लिए राशि मिलेगी, ताकि पढ़ाई के दौरान छात्राओं को कोई परेशानी नहीं आए। ज्यादातर प्रोफेशनल कोर्सेस की फीस ज्यादा होती है और बाजार में किताबें भी महंगी मिलती हैं।

सैकड़ों छात्राओं को मिलेगा फायदा 
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसका फायदा कैसे मिलेगा। प्रक्रिया क्या होगी। इसका खाका तैयार किया जा रहा है। योजना को लेकर एमएचआरडी ने घोषणा कर दी है। योजना का फायदा लेने के लिए अभिभावकों को दोनों बेटियों के आधार कार्ड, एजुकेशन की विस्तृत जानकारी और एसएसएम आईडी सहित अन्य जरूरी दस्तावेज देना होंगे।

यूजीसी नेट के कारण परीक्षार्थियों के सामने संकट
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने नेट के पेपर की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस बार नेट के पेपर 2 दिसंबर से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में उन छात्र-छात्राओं के सामने संकट खड़ा हो गया है, जो कि कॉलेज की पढ़ाई कर रहे हैं या फिर किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इसकी वजह है कि यूजीसी नेट के पेपर के दौरान कुछ पेपर होने से जहां विद्यार्थियों के सामने संकट खड़ा हो गया है। वहीं इसी बीच दिसंबर में होने वाले प्रतियोगी परीक्षाएं होनी हैं। इनके भी पेपर यूजीसी नेट के पेपर के आसपास हैं। ऐसे में इस बार जो प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं उनको इस बात की चिंता है कि अंतिम समय में किस एक्जाम की तैयारी करें, क्योंकि दोनों परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करना संभव नहीं है।

इन कोर्स पर लागू होगी योजना

  • मैनेजमेंट : एमबीए (फुल टाइम-कोर एमबीए), स्पेशलाइजेशन कोर्सेस।
  • इंजीनियरिंग : बीई (सभी ब्रांच), एमई और एमसीए।
  • फार्मेसी : बीफार्मा, एमफार्मा।
  • आर्किटेक्चर
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