मध्यप्रदेश : नया निदेश, अब जाति पूछकर पुलिस करेगी पिटाई, अगर आप दलित हो तो ? 1

मध्यप्रदेश : नया निदेश, अब जाति पूछकर पुलिस करेगी पिटाई, अगर आप दलित हो तो ?

Madhya Pradesh

भोपाल/ मध्यप्रदेश की पुलिस भी न गजब है। डीजीपी के तो क्या कहने। अपहरण के लिए लड़कियों की आजादी के जिम्मेदार ठहराने वाले मध्यप्रदेश के डीजीपी वीके सिंह ने एक और अजीबोगरीब फरमान जारी किया है। इस फरमान के बाद मध्यप्रदेश की पुलिस पूरे देश में इकलौती ऐसी पुलिस हो जाएगी जो मुजरिमों की जाति पूछकर पिटाई करेगी। अगर मुजरिम दलित होगा तो उसे पुलिस कम पिटेगी।

है न यह अपने आप में अनोख फरमान। अब आपको ये बता देते हैं कि आखिरी डीजीपी ने ऐसा फरमान क्यों जारी किया। दरअसल, मध्यप्रदेश के डीजीपी वीके सिंह ने सभी जिलों के एसपी समेत भोपाल और इंदौर के आईजी को एक चिट्ठी लिखी है। जिसमें उन्होंने विषय लिखा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को विधि संगत प्रावधानों के अधीन आवश्यक होने पर ही हिरासत में लेने औऱ पुलिस अभिरक्षा में कोई अभद्र व्यवहार और मारपीट।

डीजीपी के आदेश
अब डीजीपी ने अपने ऑर्डर में लिखा है कि हाल में कुछ घटनाएं प्रकाश में आई है, जिसमें पुलिस हिरासत के दौरान अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के वक्तियों के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। इन घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा गंभीर आपत्ति व्यक्त की गई है। ऐसे में भविष्य में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी विधि के सुसंगत प्रावधानों और प्रक्रिया का पूर्णत: पालन करते हुए की जाए। साथ ही पुलिस हिरासत में किसी भी अऩुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट न की जाए। इसका पालन कड़ाई से की जाए।

जाति पूछेगी फिर पिटेगी
यही आदेश मध्यप्रदेश के डीजीपी ने जारी किया है। ऐसे जाहिर है कि मध्यप्रदेश पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद यह पहले यह पुष्टि करेगी कि आरोपी कहीं दलित तो नहीं है। अगर है तो फिर उन्हें टच भी नहीं करेगी। हां अगर आप डीजीपी के द्वारा डिसाइड कैटगरी में नहीं आते हैं तो समझिए फिर मध्यप्रदेश की पुलिस आपका क्या हाल करेगी। पुलिस की क्रूरता की कई घटनाएं हाल में मध्यप्रदेश में सामने आईं भी हैं।

गृहमंत्री हैं अनजान
वहीं, डीजीपी के इस आदेश से मध्यप्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन पूरी तरह से अनजान हैं। उन्होंने ने कहा कि मुझे इस चीज की जानकारी नहीं है। किसी भी व्यक्ति पर कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होगी। इस संबंध में मैं डीजीपी से चर्चा करूंगा। जाति पूछकर कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अगर ऑर्डर ऐसा है तो मैं देखता हूं। आपको बता दें कि पिछले दिनों जब बाला बच्चन ने एक बैठक बुलाई थी तो उसमें भी डीजीपी नहीं पहुंचे थे।

शुरू हो गया है विरोध
मध्यप्रदेश में डीजीपी के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। करणी सेना ने मध्यप्रदेश पुलिस को चेतावनी दी है कि आदेश को वापस लें नहीं तो इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। इसका साथ ही बीजेपी भी सरकार के फैसले पर सवाल उठा रही है। क्या प्रदेश की पुलिस मुजरिमों को भी जाति के आधार पर बांटकर कार्रवाई करेगी। हालांकि इस ऑर्डर पर अभी तक डीजीपी की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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