MP: 23 अलग-अलग स्थानों पर सीबीआई ने छापा मारा, इस कांग्रेस विधायक के घर में भी शिकंजा।।। 1

MP: 23 अलग-अलग स्थानों पर सीबीआई ने छापा मारा, इस कांग्रेस विधायक के घर में भी शिकंजा।।।

Madhya Pradesh

मुरैना से कांग्रेस विधायक रघुराज सिंह कंसाना के भतीजे कुशल सिंह कंसाना समेत मध्यप्रदेश के 23 अलग-अलग स्थानों पर सीबीआई ने छापा मारा है। भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में भारतीय स्टेट बैंक और इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैट्री में भी छापामार कार्रवाई की गई है। यह पूरी गड़बड़ी 200 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड के मामले में की गई है। भोपाल और मुरैना के साथ कोलकाता, पटना व नोएडा में भी कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई सीबीआई की भोपाल टीम ने की है। शुरुआती गड़बड़ी यूको बैंक मुरैना में पकड़ी गई थी। तब बैंक के मैनेजर आरके सिन्हा थे। सिन्हा वर्तमान में कोलकाता में पदस्थ हैं। वे पटना और नोएडा में भी पदस्थ रहे हैं। यह कार्रवाई यूको बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर एसएस रतन जोनल हेड आफिस कोलकाता की शिकायत पर की गई है। सिन्हा ने मुरैना पदस्थापना के दौरान तकरीबन 200 करोड़ रुपए का ऋण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिया था। बैंक ने पहले वेयर हाउस बनाने के लिए कंपनी के मालिकों को ऋण दिया था। वेयर हाउस तैयार करने के बाद कुछ लोगों (किसानों के नाम पर) ने वेयर हाउस में एक-एक करोड़ रुपए की खाद्य सामग्री रखना बताकर 40 से 50 लाख रुपए तक का ऋण बैंक से ले लिया था। ऋण देने से पहले बैंक मैनेजर को भौतिक सत्यापन करना होता है, लेकिन बैंक प्रबंधन ने सत्यापन किए बिना ऋण दे दिया था।

बैंक की जांच में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद मामले में सात प्रकरण दर्ज किए गए हैं। सीबीआई ने आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामला दर्ज करने के बाद सीबीआई की टीम ने मध्यप्रदेश के मुरैना समेत कुल 23 ठिकानों छापा मारा है। सबसे बड़ी कार्रवाई मुरैना में कांग्रेस विधायक रघुराज सिंह कंसाना के भतीजे के घर और वेयर हाउस में की गई है। कंसाना पर भी उसी तरह से बैंक ऋण लेने का आरोप है। सीबीआई की टीम ने कसाना के ठिकानों से तमाम दस्तावेज खंगाले और बरामद किए हैं। लीलावती अग्रवाल के ठिकानों से भी दस्तावेज जत हुए हैं। अफसरों का कहना है कि अभी दस्तावेजों की जती की गई है। उनका परीक्षण बाद में किया जाएगा। मुरैना में सबसे अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई है। ऐसा इसलिए कि ज्यादातर कंपनियां मुरैना की हैं। मुरैना शहर के अलावा अंबाह और पोरसा में भी कार्रवाई की गई है। मुरैना के शांति वेयर हाउस और श्रीराम वेयर हाउस में कार्रवाई की गई है। सिन्हा अभी कोलकाता में पदस्थ हैं। इसलिए उनके बैंक के दतर और घर पर भी भोपाल की सीबीआई टीम ने कार्रवाई की है। उसके अलावा पटना और नोएडा में भी सीबीआई ने कार्रवाई की है। बताते हैं कि मुरैना से स्थानांतरण के बाद सिन्हा पटना और नोएडा में पदस्थ रहे हैं। सीबीआई अफसरों की माने तो सिन्हा जिन स्थानों पर पदस्थ रहे हैं, उन सभी जगहों पर उनका अपना निजी लैट है। चारों स्थानों से उनके लैट के दस्तावेज भी सीबीआई को मिले हैं। देवीदास कोल्ड स्टोरेज एंड आइस फैटरी मुरैना में दबिश दी है। यह कंपनी श्रीनिवास शर्मा की है। शर्मा मूलत: मुरैना के रहने वाले हैं। वे कंपनी में डायरेटर हैं। उनकी पत्नी, भाई और बहू भी कंपनी में डायरेटर हैं।

टीम ने उनके घर और दतर में भी कार्रवाई की है। उनके ठिकानों से भी सीबीआई कोस्र बहुत सारे दस्तावेज मिले हैं। सिन्हा ने भी उन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण मुहैया कराया था। नामजद किए गए आरोपी : आरके सिन्हा तत्कालीन सीनियर मैनेजर यूको बैंक मुरैना श्रीनिवास शर्मा पुत्र देवीराम शर्मा निवासी अंबाह मुरैना, प्रोपराइटर देवीराम कोल्ड स्टोरेज एंड आइस फैट्री राघवेंद्र शर्मा पुत्र देवीराम शर्मा निवासी अंबाह मुरैना प्रोपराइटर देवीराम कोल्ड स्टोरेज एंड आइस फैट्री अंजुला शर्मा पत्नी श्रीनिवास शर्मा निवासी अंबाह मुरैना प्रोपराइटर देवीराम कोल्ड स्टोरेज एंड आइस फैट्री सरिता शर्मा पत्नी राघवेंद्र शर्मा पुत्र देवीराम शर्मा निवासी अंबाह मुरैना प्रोपराइटर देवीराम कोल्ड स्टोरेज एंड आइस फैट्री कुशल सिंह कंसाना पुत्र संजीव सिंह निवासी कंसाना भवन एमएस रोड मुरैना प्रोपराइटर कंसाना वेयर हाउस लीलावती अग्रवाल पत्नी रामबाबू अग्रवाल निवासी अग्रवाल भवन बाल निकेतन रोड गोपालपुरा मुरैना प्रोपराइटर शांति वेयर हाउस मामले में कुछ अज्ञात बैंक के अधिकारी और कर्मचारी भी आरोपी हैं। अफसरों का कहना है कि दस्तावेजों की छानबीन के आधार पर उन्हें चिन्हित किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों को … इसके साथ उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। सीतारमण के मुताबिक एक क्षेत्र जिसे छुआ नहीं लेकिन इसका सकारात्मक प्रभाव होता है और शेयर बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है, वह है रियल एस्टेट क्षेत्र।

रियल एस्टेट सेटर में कई मुश्किल: सीतारमण ने कहा कि कई निवेश कोष सरकार से संपर्क कर कह चुके हैं कि वे इस क्षेत्र में निवेश को तैयार है लेकिन वे कुछ नीति समर्थन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई वैकल्पिक फंड है, जो उनसे समर्थन की बात कर रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में कालाधन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा था जिससे इसमें तेजी थी।

Facebook Comments
Please Share this Article, Follow and Like us:
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •