रीवा जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा को देवास पुलिस ने किया गिरफ्तार, गृहमंत्री के आदेश पर छोड़ा

मध्यप्रदेश रीवा

रीवा। कल रीवा में चला सियासी ड्रामा आज सदन तक पहुंच गया, अब खबर आ रही है कि जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्र को देवास जिले अंतर्गत नेवार में गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 353, 294, 506बी, 127 सहित 9 धाराओं के तहत मामलों के आरोपी जिला पंचायत अध्यक्ष को देवास जिले के नेमार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, फिर गृहमंत्री के आदेश के बाद उन्हे छोड़ दिया गया।

बताया जा रहा है कि अभय बैतूल से इंदौर जा रहे थे, इंदौर में उन्हे कांग्रेस पार्टी के एक सम्मेलन में शरीक होना था। इस दौरान उन्हे नेमार पुलिस ने गिरफ्तार कर थाने में बैठा लिया था। फिर गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के आदेश पर उन्हे छोड़ दिया गया।

इधर सदन में मंत्री पर आरोप लगाकर रोनी लगी भाजपा महिला विधायक

सेमरिया विधानसभा में बीजेपी विधायक अपनी ही सरकार के एक मंत्री के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए फूट-फूटकर रोने लगीं। बीजेपी विधायक नीलम मिश्रा ने एमपी के उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य सरकार से गुजारिश करते हुए सुरक्षा मांगी। इस पर गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने विधायक को सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

वहीं राजेंद्र शुक्ल ने खुद पर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। विधानसभा सत्र के दौरान रीवा जिले की सेमरिया सीट से विधायक नीलम मिश्रा राजेंद्र शुक्ला पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए फूट-फूटकर रोने लगीं। इस पर जब उनसे बैठने को कहा गया तो उन्होंने कहा कि वह सुरक्षा मिलने के आश्वासन पर ही मानेंगी और तभी बैठेंगी।

कहा जा रहा है कि नीलम काफी समय से राजेंद्र शुक्ल पर प्रताड़ना का आरोप लगा रही हैं, कभी संपत्ति को लेकर, तो कभी किसी न किसी बात को लेकर। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि अगर उन्हें विधायक पद से इस्तीफा देना पड़ा तो वह करेंगी। मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि एमपी के मंत्री राजेंद्र शुक्ल और नीलम मिश्रा के पति अभय मिश्रा के बीच काफी पुराना विवाद है।

इस मामले में आरोपी बनें हैं अभय 

सप्ताह भर पूर्व रीवा जिले के सेमरिया थानांतर्गत हुई दो आदिवासियों की मौत के मामले में कांग्रेस एवं बसपा के नेताओं ने पुलिस को जिम्मेदार बताते हुए जहां धरने पर बैठ गए थे वहीं सेमरिया थाना प्रभारी के साथ छीना-झपटी और पुलिस से बदसलूकी किए जाने सहित मारपीट की भी खबर रही। जिसके चलते सेमरिया थाने में जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा, कांग्रेस शहर अध्यक्ष मंगू समेत कई कांग्रेसी एवं बसपा नेताओं पर पुलिस ने धारा 353, 294, 506बी, 127 सहित 9 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था और उक्त दर्ज मामले के तहत रेलवे स्टेशन में पुलिस ने दबिश देकर रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष की गिरफ्तारी के प्रयास किए थे, इस दौरान स्टेशन परिसर पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील रहा. हांलाकि स्टेशन में पुलिस दस्ते की मौजूदगी को रीवा एसपी ने सिरे से नकार कर अपराधियों की धर पकड़ का वास्ता दिया था, परन्तु पुलिस की दबिश को जोड़ा जा रहा है। 

विधायक के पति और मंत्री की पुरानी दुश्मनी 
अभय मिश्रा रीवा जिला पंचायत के अध्यक्ष हैं जो पहले बीजेपी नेता थे। हालांकि दो साल पहले सरकार के खिलाफ जिला पंचायतों की तरफ से आंदोलन किया था। इसके बाद उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। बताया जा रहा है की अभय मिश्रा उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ल को एक दुश्मन के तौर पर देखते आ रहे हैं। भाजपा में रहते हुए भी अभय और उनकी पत्नी नीलम मिश्रा ने मंत्री पर कई आरोप लगाएं परन्तु प्रमाणित नहीं कर पाएं। अब देखना यह है कि यह सियासी ड्रामा आखिर कहाँ तक पहुंचता है।