बड़ी ख़बरः इन्हें मिलेगा 10% का सवर्ण आरक्षण, कमलनाथ सरकार ने दी मंजूरी... 1

बड़ी ख़बरः इन्हें मिलेगा 10% का सवर्ण आरक्षण, कमलनाथ सरकार ने दी मंजूरी…

Madhya Pradesh

बड़ी ख़बरः इन्हें मिलेगा 10% का सवर्ण आरक्षण, कमलनाथ सरकार ने दी मंजूरी…

भोपाल. राज्य सरकार ने प्रदेश में कमजोर आय के सामान्य वर्ग को दस फीसदी आरक्षण देने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। मंगलवार को राज्य स्तरीय कमेटी ने इसे मंजूरी दे दी। इसमें नियमों में संशोधन कर पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है।

1200 वर्गफीट तक के मकान वाले भी सवर्ण आरक्षण के लिए पात्र

केंद्र ने 1000 वर्गफीट तक के मकान वालों को ही पात्र माना है, जबकि प्रदेश सरकार ने इस परिधि में 1200 वर्गफीट वालों को भी शामिल किया है। साथ ही 5 एकड़ तक कृषि भूमि वालों को पात्र माना जाएगा। भले ही उनके पास बंजर भूमि कितनी भी रजिस्टर्ड हों। केन्द्र के नियम में सिर्फ 5 एकड़ भूमि का प्रावधान था, जिसमें बंजर भूमि भी शामिल थी।

मानसून सत्र के पहले मिलेगी मंजूरी

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए मंत्री गोविंद सिंह की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक में कुछ संशोधनों के बाद ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। यह ड्राफ्ट आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही इसे कैबिनेट से मंजूर करा लिया जाए।

सामान्य वर्ग के लिए यह होगी पात्रता

– 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले होंगे पात्र। इससे ज्यादा कृषि भूमि होने पर पात्रता नहीं रहेगी।

– यदि किसी के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है लेकिन 5 एकड़ से बाद जमीन लगातार तीन साल से बंजर के रूप में पंजीकृत है, तो वे भी आरक्षण के पात्र होंगे।

– शहरी क्षेत्र में 1200 वर्ग फीट तक का आवासीय मकान होने पर भी पात्रता रहेगी।

– ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्ग फीट तक आवासीय मकान होने पर पात्रता रहेगी। इससे ज्यादा होने पर पात्रता खत्म हो जाएगी।

– 8 लाख रुपए तक परिवार की कुल आमदनी तक पात्रता। परिवार में पति-पत्नी व नाबालिग बच्चे।

केंद्र सरकार ने किया था लागू

मोदी सरकार ने लोकसभा से पहले आर्थिक आधार पर कमजोर वर्ग के लिए सरकारी नौकरी में दस फीसदी सवर्ण आरक्षण लागू किया था। इसके लिए संविधान में संशोधन हुआ था। तब प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भी सहमति दी थी।

1200 वर्गफीट तक के मकान वाले भी सवर्ण आरक्षण के लिए पात्र

केंद्र ने 1000 वर्गफीट तक के मकान वालों को ही पात्र माना है, जबकि प्रदेश सरकार ने इस परिधि में 1200 वर्गफीट वालों को भी शामिल किया है। साथ ही 5 एकड़ तक कृषि भूमि वालों को पात्र माना जाएगा। भले ही उनके पास बंजर भूमि कितनी भी रजिस्टर्ड हों। केन्द्र के नियम में सिर्फ 5 एकड़ भूमि का प्रावधान था, जिसमें बंजर भूमि भी शामिल थी।

मानसून सत्र के पहले मिलेगी मंजूरी

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए मंत्री गोविंद सिंह की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक में कुछ संशोधनों के बाद ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। यह ड्राफ्ट आगामी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही इसे कैबिनेट से मंजूर करा लिया जाए।

केंद्र सरकार ने किया था लागू

मोदी सरकार ने लोकसभा से पहले आर्थिक आधार पर कमजोर वर्ग के लिए सरकारी नौकरी में दस फीसदी सवर्ण आरक्षण लागू किया था। इसके लिए संविधान में संशोधन हुआ था। तब प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भी सहमति दी थी।

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सामान्य वर्ग के लिए यह होगी पात्रता

– 5 एकड़ तक कृषि भूमि वाले होंगे पात्र। इससे ज्यादा कृषि भूमि होने पर पात्रता नहीं रहेगी।

– यदि किसी के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है लेकिन 5 एकड़ से बाद जमीन लगातार तीन साल से बंजर के रूप में पंजीकृत है, तो वे भी आरक्षण के पात्र होंगे।

– शहरी क्षेत्र में 1200 वर्ग फीट तक का आवासीय मकान होने पर भी पात्रता रहेगी।

– ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्ग फीट तक आवासीय मकान होने पर पात्रता रहेगी। इससे ज्यादा होने पर पात्रता खत्म हो जाएगी।

– 8 लाख रुपए तक परिवार की कुल आमदनी तक पात्रता। परिवार में पति-पत्नी व नाबालिग बच्चे।

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