मध्यप्रदेश : बेराेजगार युवाओं को मिलेगा ये काम, रीवा सहित प्रदेश में भरे गए इतने फॉर्म, 4 हजार देने का था वादा 1

मध्यप्रदेश : बेराेजगार युवाओं को मिलेगा ये काम, रीवा सहित प्रदेश में भरे गए इतने फॉर्म, 4 हजार देने का था वादा

Madhya Pradesh

प्रदेश सरकार युवा स्वाभिमान योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को पशु हांकने का रोजगार देगी। इसके लिए बाकायदा प्रदेश की अलग-अलग नगरीय निकायाें में रिक्त पद भी तय किए गए हैं। इन युवाअाें काे काैशल विकास केंद्र के माध्यम से यह ट्रेनिंग भी दी जाएगी कि पशु कैसे हांके जाते हैं। पशुअाें काे हांकने में जहां अनपढ़ भी कतराता है, वहां इस पाेस्ट के लिए ग्रेजुएट अाैर पाेस्ट ग्रेजुएट युवाअाें ने भी अावेदन किए हैं। हालांकि इसके लिए अावेदन करने वाले ज्यादातर युवा शिक्षित, पांचवीं अाैर अाठवीं हैं। कुछ दसवीं अाैर 12 वीं पास भी शामिल हैं। प्रदेश के दस संभाग में ग्वालियर, चंबल अाैर सागर संभाग में कुल पदाें के मुकाबले अाधे से ज्यादा अावेदन इस पाेस्ट के लिए अाए हैं। भाेपाल, इंदाैर अाैर जबलपुर संभाग में पशु हांकने के लिए कुल पदाें के मुकाबले 25 प्रतिशत युवाअाें ने ही रूचि दिखाई है। अनूपपुर जिले में किसी भी युवा ने पश्ु हांकने के लिए आवेदन नहंी किया। प्रदेश में सबसे ज्यादा 96 आवेदन शिवपुरी जिले में आए हैं। इसके बाद धार जिले में 81 युवाअाें ने पशु हांकने में रूचि दिखाई। मालूम हाे कि प्रदेश में 3567 पदाें के लिए 1125 युवाअाें ने अावेदन किया है। शेष|पेज 13 पर

एेसे समझें: युवाअाें काे कैसे देंगे राेजगार

शिवपुरी जिले में पशु हांकने के लिए 76 पोस्ट हैं। इस काम के लिए 96 युवाओं ने आवेदन किया है। युवाओं की मेरिट लिस्ट बनाकर 76 युवाओं को 100 दिन पशु हांकने का काम कराया जाएगा। इसके बाद शेष 20 युवा जाे वेटिंग में थे, उन्हें माैका दिया जाएगा। इस काम के बदले युवाओं को प्रति माह 4 हजार रुपए सरकार देगी।

ग्वालियर-चंबल में पद के मुकाबले अाधे से ज्यादा युवाअाें ने भरे अावेदन

संभाग पद आवेदन

ग्वालियर 302 227

चंबल 208 135

भाेपाल 402 98

जबलपुर 529 76

नर्मदापुरम 205 22

रीवा 282 83

उज्जैन 644 82

इंदाैर 524 140

सागर 471 241

शहडाेल 158 21

कुल 3567 1125

बीए, पीजीडीसीए करने के बाद नौकरी नहीं मिली तो पशु हांकने के लिए आवेदन किया

फतेहपुर शिवपुरी निवासी अरुण प्रताप (29) ने साल 2014 में बीए की डिग्री हासिल की। राेजगार की उम्मीद में पीजीडीसीए कर लिया। अरूण बताते हैं कि रेलवे, पटवारी, सिपाही और बैंक में नौकरी के लिए प्रयास किए। प्राइवेट क्षेत्र में भी इंटरव्यू दिए। लेकिन कहीं रोजगार नहीं मिला। इस बीच सरकार ने बेराेजगार युवाअाें से अावेदन मंगाए ताे अाॅनलाइन अावेदन भर दिया। ग्रामीण परिवेश से रहा हूं इसलिए सोचा कि पशु हांकने वाला काम आसानी से मिल जाएगा।

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