29 लोकसभा सीटों के लिए कांग्रेम में 300 से ज्यादा दावेदार, बैतूल में 32 तो भोपाल में 15 ने मांगे टिकट

Madhya Pradesh

भोपाल : प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने से पार्टी संगठन में नई जान आ गई है। २०१४ तक उम्मीदवारों के लिए तरस रही कांग्रेस में इस बार लोकसभा चुनाव में हर सीट पर दस से ज्यादा दावेदारों ने टिकट के लिए आवेदन किया है। प्रदेश की २९ लोकसभा सीटों के लिए ३२० दावेदारों ने टिकट का दावा पेश किया है। लोगों का उत्साह देखकर पार्टी संगठन को लगने लगा है कि इस बार उनके हिस्से में अच्छी सीटें आ जाएंगीं। सबसे ज्यादा दावेदारी बैतूल लोकसभा सीट के लिए की गई है,वहीं बड़े शहरों में कई दावेदार खुद को जिताउ चेहरा मान रहे हैं। गुना,छिंदवाड़ा और रतलाम में ज्यादा दावेदार सामने नहीं आए।

इन सीटों पर इतने दावेदार :
बैतूल लोकसभा सीट इस बार कांग्रेस नेताओं को जीत के लिहाज से आसान नजर आ रही है। इस सीट पर सबसे ज्यादा ३२ नेताओं ने आवेदन किया है। ये सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित है। कांग्रेस की तरफ से आदिवासी नेता अजय शाह का दौड़ में सबसे आगे हैं। भोपाल सीट भले ही कांग्रेस के लिए दूर की कौड़ी हो लेकिन यहां भी दावेदारों की संख्या कम नहीं है।

भोपाल में १५ दावेदारों ने टिकट मांगा है। भोपाल से कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल, महामंत्री रवि सक्सेना, पूर्व महापौर विभा पटेल, अल्पसंख्यक नेता मुनव्वर कौसर टिकट चाहते हैं। कांग्रेस की पहुंच से बाहर रही इंदौर सीट में १२ दावेदारों के नाम सामने आए हैं। यहां से सत्यनारायण पटेल, अर्चना जायसवाल,शोभा ओझा, पंकज संघवी और अश्विन जोशी के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। ग्वालियर में इस बार स्थितियां अनुकूल हैं इसलिए यहां से २२ नेताओं ने टिकट का आवेदन किया है।

तीन सीटों पर नहीं हैं दावेदार :
गुना और छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर किसी ने दावेदारी नहीं की है। गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया, छिंदवाड़ा से नकुलनाथ का नाम तय है इसलिए यहां दावेदार सामने नहीं आए। रतलाम सीट पर भी कांतिलाल भूरिया उम्मीदवार रहेंगे फिर भी एक-दो आदिवासी नेताओं ने चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर की है।

सर्वे के आधार पर तय होंगे उम्मीदवार :
संगठन ने दावेदारों को साफ कर दिया है कि उम्मीदवार सिर्फ सर्वे के आधार पर ही तय होगा। जिताउ चेहरा छांटने के लिए तीन स्तर पर सर्वे कराए गए हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ और संगठन ने अलग-अलग सर्वे कराए हैं। इनके आलवा पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सर्वे कराया है।

इस बार कांग्रेस के लिए राजनीतिक परिस्थितियां अनुकूल हैं। नेताओं को लगने लगा है कि वे अब जीत सकते हैं। जनता भाजपा से तंग आ चुकी है और कांग्रेस के साथ है,इसलिए इस बार ज्यादा नेताओं ने उम्मीदवार बनने की इच्छा जाहिर की है।
– चंद्रप्रभाष शेखर संगठन प्रभारी,कांग्रेस

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