10% आरक्षण को राष्ट्रपति की हरी झंड़ी, फायदा चाहिए तो तैयार रखें ये दस्तावेज..1 min read

Madhya Pradesh

भोपाल। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण बिल को शनिवार को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही अब सामान्य वर्ग के गरीबों को शिक्षा और रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार ने इस बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी है।

इस सूचना के सामने आते ही मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में लोगों ने इसका स्वागत किया।

इस व्यवस्था ने गरीबों को लाभ मिलेगा। अब तक केवल जाति के आधार पर आरक्षण मिलता था, ऐसे में कोई सवर्ण जाति का गरीब लाख कोशिशों के बावजूद लाभ नहीं ले पाता था। अब उन्हें भी आगे बढ़ने के लिए मदद मिलेगी।
– वीके शर्मा, निवासी भोपाल

आरक्षण का मुख्य कारण ही कमजोर तबके को आगे लाना है। लेकिन जाति व्यवस्था के चलते अब तक ये मुमकिन नहीं था। लेकिन अब इस नए नियम से हर गरीब को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
– संजय तिवारी, निवासी जबलपुर

ये एक ऐतिहासिक कदम है, अब तो राष्र्टपति जी की अभी अनुमति मिल गई है। अब गरीब तबके के लोग भी आगे बढ़ सकेंगे। जो की एक प्रशसनीय कदम है।
– एचसी व्यास, निवासी भोपाल

ये एक शानदार कदम है, अब राष्ट्रपति जी के द्वारा मंजूरी दे दिए जाने के बाद सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। ये समाज का आगे लाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
– एड. धर्मेद्र शर्मा, निवासी ग्वालियर

जानिये क्या और कैसे हुआ…
सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दस फीसदी के आरक्षण के बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ सरकार ने भी अधिसूचना जारी कर दी।

इसके साथ ही बिल ने अब कानून का रूप ले लिया। अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय एक हफ्ते के भीतर आरक्षण के प्रावधानों से जुड़े नियम-कायदों को अंतिम रूप देगा।

इससे पहले इस बिल को 8 जनवरी को लोकसभा में पेश किया गया था, जबकि राज्यसभा में इसे 9 जनवरी को पेश किया गया। वहीं शीतकालीन सत्र में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने वाला ऐतिहासिक विधेयक पिछले बुधवार को राज्यसभा में भी पास हो गया था।

लोकसभा और राज्यसभा से इस बिल के पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सामाजिक न्याय की जीत बताया था और कहा था कि यह देश की युवा शुक्ति को अपना कौशल दिखाने के लिए व्यापक मौका सुनिश्चित करेगा तथा देश में एक बड़ा बदलाव लाने में सहायक होगा।

सरकारी नौकरियों में कोटा
वहीं इससे पहले राज्यसभा में बिल पर बहस के दौरान कुछ विपक्षी दलों के विरोध पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि जनरल कैटिगरी के गरीबों को 10 पर्सेंट आरक्षण केंद्र और राज्य दोनों तरह की सरकारी नौकरियों पर लागू होगा।

राज्यों को अधिकार होगा कि वे इस आरक्षण के लिए अपना आर्थिक क्राइटेरिया तय कर सकें। इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए प्रसाद ने कहा कि यह मोदी सरकार का मैच जिताने वाला-छक्का है।

आरक्षण का फायदा चाहिए तो अभी से तैयार रखें ये दस्तावेज…
1 आधार कार्ड: आधार कार्ड भारतीय नागरिक होने की पहचान है। इसे नौकरी में अनिवार्य कर दिया गया है।
2 पैन कार्ड: वर्तमान में पैन कार्ड भी सभी नौकरी और सेवाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
3 आय प्रमाण-पत्र: आरक्षण आर्थिक आधार पर है इसलिए माता-पिता की आय का प्रमाण-पत्र बनवाना होगा।

संविधान संशोधन बिल…
केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि संविधान संशोधन बिल होने के बावजूद इसे देश के आधे राज्यों की विधानसभाओं से पास कराने की जरूरत नहीं है। कुछ विपक्षी सदस्यों ने इस पर सवाल उठाए। लेकिन कि इस तरह के बिल, जिसमें राज्यों के अधिकार क्षेत्र का हनन नहीं होता या उनके अधिकार क्षेत्र में दखल नहीं होता, उन्हें राज्यों की विधानसभाओं से पास कराने की जरूरत नहीं होती।

बिल पर बहस के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस आदि दलों ने इस विधेयक को पेश करने के समय पर सवाल उठाया था और इसे राजनीति से प्रेरित कदम करार दिया। उस समय सरकार के मंत्रियों ने सभी आलोचनाओं को खारिज करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम करार दिया था।

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