अब हर वर्ग के पास होगा अपना मकान, बस करना होगा ये …

मध्यप्रदेश

भोपालः मध्य प्रदेश में चुनावी साल है, जिसके चलते सरकार हर वर्ग को साधने की हर मुम्किन कोशिश करने में जुटी है। ऐसे में सरकार के सामने प्रदेश के ख़ाली पड़ा ख़जाना एक बड़ी चुनौती है, बावजूद इसके सरकार जनता को संतुष्ट करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। लोगों को साधने के लिए अगर सरकार को कर्ज भी लेना पड़ रहा है तो वह पीछे नहीं हट रही। ऐसे में सरकार का पहला फोकस तो उन लोगों को साधने में है, जो इस समय उससे रूठकर प्रदर्शन की राह चुन चुके हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सूसे पहले तो किसानो को लुभाने का प्रयास किया फिर उस हर वर्ग के लिए उन योजनाओं को लेकर काम कर रही है, जो उससे नाराज़ हो गए है।

सौगा़तों पर सरकार का फौकस

इसके अलावा सरकार को फोकस उन बातों पर भी है जिन सौगा़तों को देने वादा उसने हर सीमित सीमित तबक़े से किया था। इसके लिए भी शिवराज सरकार कृतग्य दिखाई दे रही है। इसी को लेकर अब वह प्रधानमंत्री आवास योजना को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए 1500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने की तैयारी कर रही है। सरकार यह कर्ज इलाहाबाद बैंक से लेने जा रही है, जिसे वह योजना में अपनी हिस्सेदारी के लिए इस्तेमाल करेगी।

इनकी होती है योजना में हिस्सेदारी

आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो घर बनाए जाते हैं उनमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, नगरीय निकाय और हितग्राहियों का हिस्सा शामिल होता है। ऐसे में केन्द्र और हितग्राही तो अपना अपना हिस्सा इन आवासों के लिए लगा ही देंगे लेकिन इस समय राज्य सरकार की जेब ख़ाली होने के कारण नगरीय प्रशासन और विकास विभाग ने बैंक से कर्ज़ लेने का फैसला किया है। इसके लिए विभाग ने पिछले दिनों कई बैंकों से बाजार से कम दर पर लोन लेने के लिए टेंडर मंगाए थे, जिसमें प्रशासन ने इलाहाबाद बैंक से लोन लेने का फैसला किया गया। राज्य सरकार जहां लोन लेकर योजना के लिए पैसा दे रही है, हालांकि इस योजना में अपनी हिस्सेदारी रखने के लिए नगरीय निकायों को भी अलग से कर्ज लेना होगा।

इन कामों पर भी हो सकेंगी रक़म ख़र्च

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नगरीय विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि, बैंक से ली जाने वाली इस उधार रक़म का इस्तेमाल सिर्फ प्रधानमंत्री आवास योजना में ही नहीं होगा, इस रक़म को सरकार मुख्यमंत्री आधारभूत संरचना, सड़क, जल आपूर्ति जैसी योजनाओं में भी इस्तेमाल करेगी। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि इस ही रक़म से नगरीय विकास विभाग निकायों को भी कर्ज दिया जाएगा। इसमें जिन विभागों को क़र्ज दिया जाएगा उनसे सरकार बैंक द्वारा तय ब्याज़ से एक फीसदी ज़्यादा वसूलेगी।

ऐसे उठाएं पीएम आवास योजना का लाभ

अगर आप पीएम आवास योजना के तहत खुद का घर लेना चाहते हैं, तो उसके लिए आपको सबसे पहले यह निर्धारित करना होगा कि, आप किस आय वर्ग से हैं, क्योंकि इस योजना के तहत सरकार ने हर व्यक्ति को खुद का घर देने की बात कही है। अगर आप अपनी आय निर्धारित करेंगे तो उससे आपको उचित केटेगिरी के घर का लाभ मिल सकेगा। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए मध्यम वर्ग (MIG) के लिए दो कटेगरियां तैयार की हैं। इसका कारण यह है, कि हर व्यक्ति को पक्का मकान मिले। हां इस योजना की कुछ शर्तें जरूर हैं जिन्हें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। सबसे पहले तो ऐसे लोग जिनके पास इस पहले से घर है वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते है। प्रधानमंत्री आवास योजना का नियम है कि लाभ उसे ही मिलेगा जिसके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होगा। साछथ ही, इस योजना के लिए आवेदन के वक्त अविभाजित परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड का नंबर देना जरूरी है। इसमें पति-पत्नी और अविवाहित बेटे और बेटी शामिल हैं। शादी के बाद बेटा या बेटी इस योजना के लिए अलग से आवेदन दे सकते हैं।