मै कोई घोषणा नहीं करूँगा CM KAMALNATH, काम की जबावदारी इनकी होगी.... 1

मै कोई घोषणा नहीं करूँगा CM KAMALNATH, काम की जबावदारी इनकी होगी….

Madhya Pradesh

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने गृह नगर छिंदवाड़ा आए कमलनाथ ने कहा कि मैं अब कोई घोषणा नहीं करूंगा। अफसर ही काम की घोषणाएं करेंगे और वे ही उसे पूरा करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इसी तारतम्य में उनकी मौजूदगी में कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा ने 268 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले 33 विकास कार्यों का वचन दिया। उन्होंने इन कामों को करने की समय सीमा भी बताई। इससे साफ हो गया है कि अब जनता मुख्यमंत्री के बजाय कलेक्टर से पूछेगी कि उनके काम क्यों पूरे नहीं हुए। कमलनाथ रविवार को आभार रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान यहां जिले के सातों विधायक और बड़ी संख्या में लोग इकट्‌ठा हुए।

मोदी पर निशाना…

आंख-कान नहीं, सिर्फ मुंह चलता है

शिवराज पर तंज…

घोषणाओं से रोजगार नहीं मिलते

युवाओं पर बोले

आज का युवा इंटरनेट से जुड़ा है। उसमें काम पाने की तड़प है। वह कोई ठेका और कमीशन नहीं चाहता। वह ऐसी व्यवस्था चाहता है, जिससे उसे काम मिले और उसके जीवन में बदलाव आए।

किसानों पर बोले

किसानों का कर्ज माफ कर एहसान नहीं किया, यह उनका हक है। किसान कर्ज में पैदा होता है और कर्ज में ही मर जाता है। प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी है। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, तभी अर्थव्यवस्था भी ठीक-ठाक रहेगी।

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एक मंत्री, दो विधायकों ने नाथ के लिए सीट छोड़ने की पेशकश की

पीएचई मंत्री व मुलताई से विधायक सुखेदव पांसे ने कमलनाथ से अपनी सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह किया। इससे छिंदवाड़ा से विधायक दीपक सक्सेना और सौंसर से विधायक विजय चौरे ने भी कमलनाथ के लिए सीट छोड़ने का ऐलान किया। जब इस बारे में कमलनाथ से पूछा गया कि आप चुनाव कहां से लड़ेंगे तो उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव से पहले यह एेलान किया था कि जिस सीट से सबसे ज्यादा मतों से कांग्रेस की जीत होगी, उसी से चुनाव लड़ूंगा। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी जीत सौंसर से मिली है। मैं मतदाता भी इसी सीट का हूं, लेकिन चुनाव लड़ने को लेकर सभी लोगों से बात करूंगा। उसके बाद फैसला लूंगा।

छिंदवाड़ा कलेक्टर ने मंच से दिया 268 करोड़ के 33 विकास कार्यों का वचन

नाथ के लिए… एक मंत्री और दो विधायकों ने की सीट छोड़ने की पेशकश

कमलनाथ ने करीब 20 मिनट भाषण दिया, लेकिन एक भी घोषणा नहीं की।

भोपाल-इंदौर में मोनो रेल के लिए सर्वे कराएंगे

पुलिस से कहा- कमिश्नर सिस्टम पर आईएएस अफसरों से बात करंे

सभा के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमलनाथ ने कहा कि भोपाल और इंदौर में मोनो रेल चलाए जाने पर भी सर्वे कराया जा रहा है। इस बारे में जापानी कंपनी एक प्रेजेंटेशन भी दे चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेट्रो रेल हमारी प्राथमिकता में थी, इसीलिए केंद्र में शहरी विकास मंत्री रहने के दौरान डीपीआर के लिए राशि भी राज्य सरकार को हमने दिलाई थी। भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने को लेकर पूछे गए सवाल पर नाथ ने कहा कि यह मुद्दा तब से चल रहा है, जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे। अब इस मामले पर पटाक्षेप हो जाएगा। हमने पुलिस अफसरों से कहा है कि वे आईएएस अफसरों से इस मुद्दे पर बात करें। मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर नाथ ने शिवराज का नाम लिए बगैर तंज कसते हुए कहा कि उस समिट का क्या मतलब, जिसके परिणाम सामने नहीं आएं।

उन्होंने कहा कि मुझे तो शर्म आएगी कि हमने इंवेस्टर्स समिट कराई और उसका फायदा जनता को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद जो भी उद्योगपति बधाई देने के लिए मिलना चाहते हैं मैने उनसे साफ कहा कि गुलदस्ता लेकर मत आना। प्रदेश में निवेश की योजनाएं लेकर आएं। खाली हाथ आना मुझे मंजूर नहीं।

एससीएसटी एक्ट पर बोले- महाधिवक्ता को बुलाया है

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के माई के लाल वाले बयान के बारे में जब नाथ से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरा नजरिया साफ है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। हम चाहते हैं कि दोनों समाज के लोग बैठकर उपाय निकालें। एससीएसटी वर्ग के लोग भी नहीं चाहते कि किसी के साथ अन्याय हो। हमने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए महाधिवक्ता को बुलाया है।

बिजली की कमी नहीं स्टोरेज की दिक्कत

नाथ ने कहा कि प्रदेश में बिजली की कमी नहीं समस्या स्टोरेज की है। उन्हें पिछली बैठक में ही अधिकारियों ने बताया है कि 2500 करोड़ की बिजली बेकार जा रही है। खरीदी तो जा रही है, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो रहा। इससे साफ है कि पैसा पानी में बहाया जा रहा है। मैने अफसरों से कहा है कि यह क्यों न यह बिजली गरीबों में मुफ्त में बांट दी जाए।

द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म बैन नहीं करेंगे

पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के जीवन पर बनी फिल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर को मध्यप्रदेश में बैन करने से नाथ ने साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि मैं प्रतिबंध नहीं लगाने वाला हूं। यह जनता देखेगी और तय करेगी।

दो लाख किसान स्कीम से बाहर

निजी नहीं, सिर्फ सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिया कर्ज ही माफ होगा

पॉलिटिकल रिपोर्टर, भोपाल | किसानों की कर्जमाफी का प्रारूप वचन-पत्र के हिसाब से तैयार कर रही कमलनाथ सरकार इस कर्जमाफी की स्कीम से निजी बैंकों को बाहर रखेगी। सिर्फ सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंक से जुड़े किसानों (डिफाॅल्टर व चालू कृषि ऋण वाले) को ही कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। अभी तक के आंकड़ों के अनुसार कुल 85 लाख में से 60 लाख किसान कर्जदार हैं। दो लाख रुपए तक जिनका कर्ज माफ होना है, उनकी संख्या 40 लाख हैं। इनमें से निजी बैंकों से जुड़े किसानों की संख्या सवा दो लाख है और इन पर कर्ज करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए है। निजी बैंकों के बाहर होने से राज्य सरकार को ज्यादा फायदा नहीं होने वाला।

शनिवार को कृषि उत्पादन आयुक्त पीसी मीणा ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके कैबिनेट के प्रारूप को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के भोपाल लौटते ही उनके सामने प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। माना जा रहा है कि राज्य सरकार फरवरी से ही किसानों के खातों में पैसा डालना शुरू कर देगी। इधर, मंत्रियों ने पहली औपचारिक कैबिनेट में कहा था कि कर्जमाफी की ‘कटऑफ’ तारीख 31 मार्च 2018 से आठ माह बढ़ाकर 30 नवंबर 2018 की जाए। इस पर भी अफसरों ने काम कर लिया है। आगामी 5-6 जनवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में कर्जमाफी स्कीम को मंजूरी के लिए लाया जाएगा।

– 30 नवंबर की स्थिति में कितना भार

(चालू कृषि ऋण)

राष्ट्रीयकृत बैंक :

राशि 34 हजार 167 करोड़ रुपए

किसानों की संख्या 18.12 हजार

प्रति किसान औसत कर्ज 1 लाख 88 हजार रुपए

सहकारी बैंक :

राशि 8 हजार 800 करोड़ रुपए

किसानों की संख्या 16.13 हजार

प्रति किसान औसत कर्ज 54 हजार रुपए

ग्रामीण बैंक :

राशि 6 हजार 932 करोड़ रुपए

किसानों की संख्या 4.97 लाख

प्रति किसान औसत कर्ज 1 लाख 40 हजार रुपए

00000000

(डिफाल्टर किसान)

राष्ट्रीयकृत बैंक :

राशि 4 हजार 312 करोड़ रुपए

किसानों की संख्या 2.22 लाख

प्रति किसान औसत कर्ज 1.97 लाख रुपए

सहकारी बैंक :

राशि 8 हजार 800 करोड़ रुपए

किसानों की संख्या 17.13 लाख

प्रति किसान औसत कर्ज 50 हजार रुपए

ग्रामीण बैंक :

राशि 1300 करोड़ रुपए

किसानों की संख्या 1.39 लाख

प्रति किसान औसत कर्ज एक लाख रुपए

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