मध्यप्रदेश : कमलनाथ ने कहा दावे के साथ जीत रहा 140 सीट, सरकार बनते ही बदल दूंगा कलेक्टरो का पदनाम

Madhya Pradesh
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भोपाल. कांग्रेस प्रत्याशियों के मतगणना प्रशिक्षण में गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का वन-मैन शो दिखाई दिया। प्रशिक्षण में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अनुपस्थित रहे। पार्टी ने दावा किया कि उन्हें कार्यक्रम में आने का न्यौता दिया गया था, लेकिन दोनों ही बाहर होने के कारण नहीं आ सके। कार्यक्रम के भीतर और बाहर बैनर में सोनिया व राहुल के साथ कमलनाथ ही दिखाई दिए। प्रत्याशी और नेता इस आत्मविश्वास में नजर आए कि प्रदेश में उनकी सरकार बन रही है। कमलनाथ ने 140 सीटें जीतने के दावे के साथ व्यवस्था परिवर्तन की घोषणा भी की।

उन्होंने प्रत्याशियों को यह संदेश देने की भी कोशिश की कि सरकार आने पर वे ही मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे हो सकते हैं। कमलनाथ ने प्रत्याशियों से कहा कि गुजरात और कर्नाटक की गलती यहां नहीं दोहराई जाएगी। कई सीटें हम मतगणना में हार जाते हैं, इसलिए जीत का प्रमाण-पत्र लेने से पहले उम्मीदवार जश्न नहीं मनाएंगे। जब तक एक राउंड की गिनती का सर्टिफिकेट न मिले, तब तक अगले राउंड की गिनती शुरू न होने दें। थोड़ी सी भी गड़बड़ी लगे तो आक्रामकता के साथ अपनी बात रखें और उसके निराकरण के लिए अड़ जाएं। सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि नियमों की जानकारी जितनी अफसरों को है, उतनी आपको भी होनी चाहिए। यदि आपकी बात नहीं सुनी जा रही तो हेल्पलाइन पर फोन कर शिकायत दर्ज कराएं। ये शिकायत सीधी सीईसी के पास जाएगी। कांग्रेस की तरफ से तैयार की गई 55 बिंदुओं की दिशा-निर्देश पुस्तिका भी उम्मीदवारों को दी गई। पार्टी ने इस बार बैठक में मौजूद 229 उम्मीदवारों और उनके सहयोगियों के मोबाइल फोन बंद करवा दिए।

कमलनाथ ने कहा- बदलूंगा कलेक्टर का पदनाम

कमलनाथ ने मीडिया के सामने दावा किया कि कांग्रेस हर हाल में 140 सीटें ला रही है। उन्होंने यहां तक कहा, सत्ता में आते ही कलेक्टरों का पदनाम बदला जाएगा। उनसे पूछंूगा कि नया नाम क्या होना चाहिए। उन्होंने कहा, अगले 5 दिन में नया इतिहास शुरू हो रहा है। भाजपा के कई बड़े चेहरे चुनाव हारने वाले हैं। उन्होंने कहा, 13 तारीख को सीएम का नाम तय होगा, राहुल गांधी ही तय करेंगे।

सीएम पद को लेकर दो राय

मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करने के मुद्दे पर दिग्गज नेता दाएं-बाएं होते रहे, लेकिन पूरा शो कमलनाथ पर केंद्रित रहा। मंच के पीछे लगे पोस्टर में सोनिया-राहुल गांधी के साथ कमलनाथ की बड़ी तस्वीर यही कहानी कहती दिखी। हालांकि दिग्गज नेताओं ने मीडिया को ये संदेश देने का भी प्रयास किया कि सीएम पद को लेकर कांग्रेस में कोई बहस नहीं है, लेकिन दावेदारों में सीएम पद को लेकर दो तरह की राय सामने आई। कोलारस से कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र सिंह यादव ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम बनाने की मांग रखते हुए उनके लिए अपनी सीट छोडऩे की बात कही। यादव की बात का मुरैना के रघुराज सिंह और दिमनी के गिरिराज दंडोतिया ने समर्थन किया। इसके उलट निशंक जैन ने कमलनाथ को सीएम बनाए जाने की बात कही। उनके पक्ष में वहां बड़ी संख्या में कांग्रेस प्रत्याशी खड़े नजर आए।

प्रशिक्षण के बाद किसने क्या कहा…

प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जो नाम तय करने वाले हैं, वो जनता जानती है, कार्यकर्ता जानते हैं और मीडिया भी जानती है कि प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, सरकार बनने के बाद सीएम पद पर निर्णय होना चाहिए। अभी की होड़ नहीं लगनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के चुने हुए विधायक और राष्ट्रीय अध्यक्ष ही मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह बोले, स्पष्ट बहुमत से हम सरकार बना रहे हैं। मुख्यमंत्री का फैसला पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि कमलनाथ अध्यक्ष हैं, प्रोटोकॉल के तहत उनकी तस्वीर लगी है, जो निर्णय राहुल गांधी लेंगे, वही सबको मान्य होगा। 140 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।

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