विंध्य में किये राहुल गाँधी के वादे से पलटी कांग्रेस, अब इन्हे भी दिया जायेगा टिकट, कमलनाथ बोले कोई नहीं होगा नाराज़1 min read

Madhya Pradesh

भोपाल। मध्य प्रदेश में 15 साल से सत्ता का वनवास झेल रही कांग्रेस जीत के लिए हर तरफ हाथ पैर मार रही है| प्रदेश में कभी गठबंधन के लिए सहमत न होने वाली पार्टी इस बार बीजेपी को छोड़ हर दल से हाथ मिलाने को तैयार रही| हालांकि किसी भी दल ने कांग्रेस का हाथ नहीं थामा| वहीं कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वादा किया था कि चुनाव के समय ऊपर से टपकने वाले ‘पैराशूट’ वाले नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा| लेकिन राहुल के इस वादे के बावजूद बीजेपी और अन्य दलों से आये नेताओं को प्रत्याशी बनाने की तैयारी है | हाल ही में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आई पद्मा शुक्ला का विजयराघवगढ़ सीट से मंत्री संजय पाठक के खिलाफ चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है| अन्य दलों से आये नेताओं को टिकट देने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है कि जीतने वाला प्रत्याशी होना चाहिए, चाहें फिर वो बीजेपी का ही क्यों न हो|

दरअसल, चुनावी शंखनाद के लिए 17 सितम्बर को भोपाल आये राहुल गाँधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि चुनाव के समय आसमान से कई नेता टपक आते हैं| लेकिन हम ऐसे पैराशूट वालों को टिकट नहीं देंगे| उन्होंने कहा था कि चुनाव में केवल सर्वे के आधार पर टिकट फाइनल होंगे। अब जबकि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर दिल्ली में स्क्रीनिंग कमेटी अंतिम दौरों की बैठक कर रही है तब पैराशूटर्स को लेकर भी चर्चा सामने आ रही है। राहुल गांधी के फॉर्मूले पर प्रत्याशियों का चयन करना मुश्किल हो गया है। हाईकमान के सर्वे में यह बात सामने आई है कि कई सीटों पर स्थानीय नेताओं पर दांव खेलना महंगा पड़ सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह तय हो गया है कि जिताऊ प्रत्याशी उतारने के लिए हाईकमान बाहरी नेताओं को मैदान में उतारने से परहेज नहीं करेगी।

बुधनी विधानसभा क्षेत्र के किसान नेता अर्जुन आर्य कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं, खबर है कि कांग्रेस अर्जुन आर्य को बुधनी से सीएम शिवराज के खिलाफ चुनाव लड़ा सकती है| राहुल गाँधी की दावे के बावजूद पार्टी में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं को टिकट देना तय माना जा रहा है| ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि कांग्रेस को आखिर बार बार रणनीति क्यों बदलना पड़ रहा है| पार्टी में कई नेताओं को दूसरे दलों से टिकट देने के वादों के साथ लाया गया था। इनमें से होशंगाबाद गिरिजाशंकर शर्मा, रीवा क्षेत्र के पूर्व विधायक अभय मिश्रा, रतलाम क्षेत्र के पूर्व विधायक पारस सकलेचा और रतलाम से ही पंचायतीराज के नेता डीपी धाकड़ हैं। शर्मा और मिश्रा के परिवार वाले भाजपा में हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने इन नेताओं को टिकट का वादा भी किया है। वहीं हाल ही में कांग्रेस में आई पद्मा शुक्ला को भी टिकट मिलना तय माना जा रहा है|

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