लखनऊ

दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को शीघ्र लाएंगे, इस राज्य के मुख्यमंत्री का ऐलान

Aaryan Dwivedi
16 Feb 2021 6:20 AM GMT
दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को शीघ्र लाएंगे, इस राज्य के मुख्यमंत्री का ऐलान
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लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे प्रदेश के मजदूरों समेत अन्य राज्यों के भी मजदूरों क

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे प्रदेश के मजदूरों समेत अन्य राज्यों के भी मजदूरों को शीघ्र ही वापस लाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर कोर टीम (टीम-11) के साथ बैठक में इनको लाने की योजना को अंतिम रूप दिया।

कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान लंबे लॉकडाउन में प्रदेश की हर स्तर की व्यवस्थाओं में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी टीम को निर्देश दिया कि देश के हर राज्य में फंसे उत्तर प्रदेश के लोगों को शीघ्र वापस लाने का इंतजाम करें। दूसरे राज्यों से मजदूरों के साथ ही फंसे अन्य सभी लोगों को वापस लाएं। वहां पर 14 दिन क्वारेंटाइन करने वाले सभी लोगों के साथ ही मजदूरों को वापस अपने राज्य में लाया जाएगा। इन सभी को प्रदेश में लाने के बाद यूपी सेल्टर होम में रखा जाएगा। इसके साथ ही इन सभी को आर्थिक मदद भी दी जाएगी। इनको प्रदेश सरकार राशन किट और एक-एक हजार रुपया देगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के सफल क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने प्रदेश में हर स्तर पर फिजिकल डिस्टेंसिंग को प्रत्येक दशा में बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कहा कि हॉटस्पॉट का यूपी मॉडल काफी लोकप्रिय रहा है। प्रदेश में 20 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले जनपदों के लिए नामित वरिष्ठ प्रशासनिक, स्वास्थ्य तथा पुलिस अधिकारी संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने की कार्रवाई अपनी देकरेख में सम्पन्न कराए। इसके साथ ही हर जिले में कोविड व नॉन-कोविड अस्पताल परखे जाएं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 20 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले जनपदों में वरिष्ठ प्रशासनिक, स्वास्थ्य तथा पुलिस अधिकारी भेजने का निर्णय लिया है। यह अधिकारी नामित जनपद में एक सप्ताह कैम्प कर संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने की कार्रवाई अपनी देख-रेख में सम्पन्न कराए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल इन्फेक्शन को हर हाल में रोका जाना आवश्यक है। उन्होंने अस्पतालों में पीपीई किट, एन-95 मास्क के साथ सैनिटाइजर की पर्याप्त उपलब्धता सहित सभी सुरक्षा प्रबन्धों को लागू करने के निर्देश दिये हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पताल तय हों। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना के मरीज उपचार के लिए केवल कोविड अस्पताल में ही भर्ती किये जाएं। इसी प्रकार अन्य रोगों के उपचार के लिए अन्य सभी प्रकार के मरीज को नॉन-कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाए। मेडिकल स्टॉफ को संक्रमण से बचाव के लिए प्रशिक्षित करने तथा चिकित्सालय में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाते हुए इमरजेंसी सेवाएं प्रारम्भ की जाएं, जिससे लोगों को अन्य गम्भीर रोगों के त्वरित उपचार की सुविधा मिल सके। एल-3 कोविड चिकित्सालयों में हर बेड पर वेेंंटिलेटर अवश्य हो।

हम उन्हें वापस उनके घर पहुंचाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ऐसे श्रमिक, कामगार तथा मजदूर बहन-भाई, जो अन्य राज्यों में निवासरत हैं और 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके हैं, हम उन्हें वापस उनके घर पहुंचाएंगे। ऐसे लोगों की राज्यवार सूची तैयार करने सहित चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में वापस लाए जाने से पूर्व इन श्रमिकों, कामगारों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराई जाएगी। तत्पश्चात, बस से सभी को इनके जनपदों में भेजा जाएगा। हमारे श्रमिक और कामगार बंधु जिस जनपद में जाएंगे, वहां भी 14 दिन क्वारंटीन का समय पूरा करेंगे।

लाने के बाद सभी को क्वारंटीन करेंगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत सरकार के कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू लॉकडाउन के निर्णय की विश्व में सराहना हो रही है। उत्तर प्रदेश प्रदेश की सीमा तक सम्बन्धित राज्य सरकार के इन सभी को लाने के बाद ऐसे लोगों को बसों से इनके जिले में भेजा जाएगा। यह लोग जिस जनपद में जाएंगे, वहां 14 दिन की क्वारंटीन करने की पूरी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित कर ली जाएं। इसके लिए शेल्टर होम/आश्रय स्थल को खाली कर सेनेटाइज किया जाए। शेल्टर होम पर कम्युनिटी किचन के सुचारू संचालन के लिए सभी प्रबन्ध सुनिश्चित किये जाएं, ताकि इन लोगों के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था हो सके।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शेल्टर होम/आश्रय स्थल को सैनिटाइज कर सभी के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था की जाए। 14 दिन की संस्थागत क्वारंटीन पूरा करने के उपरांत सबको राशन किट व ₹1000 के भरण-पोषण भत्ते के साथ होम क्वारंटीन के लिए घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने पूल टेस्टिंग को बढ़ाने तथा एल-1, एल-2 तथा एल-3 चिकित्सालयों में बेड््स की स ंख्या में वृद्धि के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग पर भी फोकस करने की काफी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एल-2 चिकित्सालय में प्रत्येक बेड पर ऑक्सीजन तथा हर 10 बेड पर एक वेंटिलेटर उपलब्ध रहना चाहिए। एल-1 चिकित्सालय में प्रत्येक 5 बेड पर एक ऑक्सीजन सिलिण्डर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टेलीमेडिसिन से टेली कंसल्टेन्सी प्रदान करने के इच्छुक डॉक्टर्स की फोन नंबर की सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाए। पूल टेस्टिंग को बढ़ाने तथा प्रदेश में एल-1, एल-2 तथा एल-3 चिकित्सालयों में बेड की संख्या में वृद्धि भी करें। वर्तमान परिस्थितियों में टेलीमेडिसिन माध्यम से आमजन को सुगमतापूर्वक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जा सकता है। प्रत्येक जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्साधिकारी अपने जनपद के सरकारी व निजी चिकित्सकों की बैठक कर उनसे इस सुविधा से जुडऩे का आग्रह करें।

समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर पर प्रशासन, पुलिस तथा मेडिकल की टीम आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए टीम भावना के साथ साथ कार्य करना आवश्यक है। जिला स्तर पर साफ-सफाई, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति, लॉजिस्टिक, संस्थागत क्वारंटीन में रखे गये लोगों के ठहरने व भोजन आदि की जिम्मेदारी सहित विभिन्न कार्य अलग-अलग अधिकारी को सौंपते हुए अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब कोई भूखा न रहे इसके लिए हर जिले में कई कम्युनिटी किचन के संचालन के साथ जरुरतमन्दों को खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कम्युनिटी किचन की सराहना करते हुए इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी माह भी नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित करने जा रही है। उन्होंने बैंकों में भी फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखे जाने पर बल दिया।

छह माह में पंद्रह लाख लोगों को देंगे रोजगार

योगी आदित्यनाथ सरकार ने देश में लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद संभावित रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था की चुनौतियों से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन से छह माह में पंद्रह लाख रोजगार सृजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभिन्न विभागों से ठोस कार्ययोजना एक सप्ताह में मांगी है। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में रोजगार सृजन संबंधी प्रस्तुतिकरण देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री शिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) प्रोत्साहन योजना का लाभ एक वर्ष में एक लाख युवाओं दिलाना है। इस योजना के तहत दो लाख युवाओं को जोडऩे की कार्ययोजना बनाएं। आर्थिक स्वावलंबन के लिए युवाओं को युवा हब के माध्यम से भी रोजगार दिलाने के निर्देश दिए।

एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। इनके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफार्म और स्वेटर बनाने का प्रशिक्षण देकर सिलाई और स्वेटर मशीनें महिला स्वयंसेवी समूहों उपलब्ध कराकर रोजगार दिया जाए। इसी प्रकार खाद्य और फल प्रसंस्करण भी माध्यम हो सकता है। व्यापक स्तर पर मास्क बनाने का काम शुरू कर सकते हैं।

खादी के क्षेत्र में सोलर चरखों और सोलर लूम स्थापित कर प्रशिक्षण दिया जाए। उत्कृष्ट कंबलों के निर्माण और नए स्वरोजगार को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने ग्राम स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को मजबूत बनाते हुए इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कहा। व्यापक पैमाने पर दुग्ध समितियों का गठन कर डेरी उद्योग को मजबूत कर सकते हैं।

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उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री शिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) प्रोत्साहन योजना का लाभ एक वर्ष में एक लाख युवाओं दिलाना है। इस योजना के तहत दो लाख युवाओं को जोडऩे की कार्ययोजना बनाएं। आर्थिक स्वावलंबन के लिए युवाओं को युवा हब के माध्यम से भी रोजगार दिलाने के निर्देश दिए। एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। इनके माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।

प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफार्म और स्वेटर बनाने का प्रशिक्षण देकर सिलाई और स्वेटर मशीनें महिला स्वयंसेवी समूहों उपलब्ध कराकर रोजगार दिया जाए। इसी प्रकार खाद्य और फल प्रसंस्करण भी माध्यम हो सकता है। व्यापक स्तर पर मास्क बनाने का काम शुरू कर सकते हैं। योगी ने कहा कि खादी के क्षेत्र में सोलर चरखों और सोलर लूम स्थापित कर प्रशिक्षण दिया जाए। उत्कृष्ट कंबलों के निर्माण और नए स्वरोजगार को प्राथमिकता दें।

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मुख्यमंत्री ने ग्राम स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को मजबूत बनाते हुए इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कहा। व्यापक पैमाने पर दुग्ध समितियों का गठन कर डेरी उद्योग को मजबूत कर सकते हैं। इसके अलावा भी योगी ने कई सुझाव और निर्देश दिए। बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह भी उपस्थित थे।

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