VIDEO: छतरपुर एनकाउंटर पर उठे सवाल, मोस्ट वांटेड बदमाश को भाई ने बताया देशभक्त1 min read

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दिल्ली। छतरपुर एनकाउंटर में मारे गए मोस्ट वांटेड बदमाश राजेश कंडेला उर्फ राजेश भारती के भाई धर्मवीर ने अपने भाई को देशभक्त और क्रांतिकारी बताते हुए उसे सच्चा नागरिक बताया है और राजेश के वकील ने तो एनकाउंटर पर ही कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानें क्यों भाई ने कहा देशभक्त था भाई..

धर्मवीर का दावा है कि राजेश ने कभी किसी आम नागरिक या बेकसूर शख्स को परेशान नहीं किया। गैर कानूनी रूप से धंधा करने वाले खास सट्टा कारोबारी व गैर कानूनी धंधा करने वाले बदमाशों से राजेश रुपये वसूलता था। राजेश ने कभी किसी आम आदमी को परेशान नहीं किया। राजेश विदेशी वस्तुओं के बेहद खिलाफ था। धर्मवीर का दावा है कि उसका भाई कभी विदेशी गाड़ियों में भी नहीं बैठता था तो वह फोर्ड एंडेवर गाड़ी में कैसे आया। धर्मवीर ने राजेश के नक्सली कनेक्शन को भी मनघड़ंत बताया।

धर्मवीर ने बताया कि पिता की हत्या का आरोप लगाकर राजेश को जेल भेज दिया गया था। राजेश ने पिता की भी हत्या नहीं की थी, बल्कि उसके चाचा ने प्रॉपर्टी विवाद में पहले उसके पिता की हत्या की। बाद में उसकी मां की भी चाचा ने ही हत्या करवा दी थी। घटना के बाद राजेश ने अपना गैंग बनाकर गैरकानूनी धंधा करने वाले लोगों से रंगदारी वसूल करना शुरू किया।

धर्मवीर ने बताया कि 15 दिन पूर्व उसकी भाई से मुलाकात हुई थी। भाई ने खुद पर लगे सभी आरोपों को गलत बताते हुए उनसे एक दिन बरी होने की बात की थी। धर्मवीर ने बताया कि उसकी मौत की सूचना उसे टीवी से मिली। धर्मवीर ने बताया कि राजेश की मौत के बाद से वह बुरी तरह डरा हुआ है। शुरूआत में तो उसने बातचीत से इंकार कर दिया था, लेकिन बाद में वह किसी तरह बातचीत के लिए तैयार हुआ।

राजेश के वकील ने एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए राजेश भारती के वकील ईशान कौशिक ने दिल्ली पुलिस के एनकाउंटर पर कई सवाल खड़े कर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। ईशान व राजेश के भाई ने मुठभेड़ को झूठा बताते हुए जान बूझकर चारों की हत्या करने का आरोप लगाया है। ईशान का कहना है कि पुलिस सभी चारों को जिंदा पकड़ सकती थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।बेहद नजदीक से उनको गोली मारी गई। वहीं, मामले पर स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, उससे पता चल जाएगा कि कितनी दूरी व कैसे इनको गोली मारी गई। गुरुग्राम निवासी ईशान कौशिक ने बताया कि पुलिस ने पूरे एनकाउंटर को प्लांट कर इसे अंजाम दिया।

ईशान ने बताया कि फोर्ड एंडेवर कार पर गौर किया जाए तो ड्राइवर और उसके बराबर वाली साइड में कोई नहीं बैठा था, न ही वहां कोई खून का निशान है। ऐसे में गाड़ी कौन चला रहा था और अगर इनका कोई साथी चला रहा था तो वह कहां गया। राजेश ने अगर भागने की कोशिश की थी तो उसकी गाड़ी पर कोई रगड़ के निशान क्यों नहीं थे।पुलिस ने जब घेराबंदी कर ली थी तो गोली मारने की नौबत क्यों आई। पुलिस ने बदमाशों के पैरों पर गोली क्यों नहीं मारी। वहीं, मारे गए राजेश के एक साथी की कमर पर बांधने वाली बेल्ट टूटी मिली है। ऐसा लगता है कि उन्हें मारने से पहले घसीटा गया है। इन सब आधारों पर ईशान ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

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