छत्तीसगढ़ः आवास क्रांति से कई परिवारों को मिला आशियाना, बदहाली से खुशहाली के ओर बढ़े अप्रवासी ईरानी

छत्तीसगढ़

कई पीढि़यों पहले हजारों किलोमीटर दूर ईरान से भारत और फिर इस देश के मध्यवर्ती राज्य छत्तीसगढ़ की धरती पर आए ईरानियों की घुमंतू जिंदगी को गुजर-बसर के लिए अब एक स्थायी बसाहट मिल गई है।

उनका एक ईरानियों का एक जत्था करीब एक सौ साल पहले वर्तमान छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आया था, जहां  आमापारा में ये लोग घोड़े आदि बेचने का कारोबार करते थे। रहने का कोई स्थायी ठिकाना नहीं था। लिहाजा ये ईरानी परिवार यहां पंडरी इलाके में रायपुर से धमतरी जाने वाली छोटी लाइन की रेलवे पटरी के किनारे झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहने लगे।

रायपुर में अब लगभग एक सौ बरस की लम्बी बदहाल जिंदगी से निकलकर ये लोग एक खुशहाल भविष्य की ओर बढ़ने लगे हैं। कालोनी के ईरानी परिवारों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनकी सरकार की विशेष पहल से ही यह मुमकिन हो पाया है।