रमन सरकार ने समझा बच्चों का दर्द, बनाया ये मास्टर प्लान

छत्तीसगढ़

मैनपुर। गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर क्षेत्र के आदिवासी बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए भटकना पड़ता था लेकिन राज्य सरकार ने मैनपुर को 2013 में नवीन शासकीय महाविद्यालय की शुरुआत कर शिक्षा के क्षेत्र में एक नया आयाम दिया है। मैनपुर

विकासखण्ड क्षेत्र से 90 -100 किमी की दूरी पर बसा है और यहां 11 हायर सेकंडरी स्कूल से हर वर्ष सैकड़ों छात्र– छात्राएं बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए भटकते रहते थे और गरीबी बदहाली व खराब आर्थिक स्थिति के चलते ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश बच्चे बारहवीं के बाद आगे अध्ययन नहीं कर पाते थे।

क्योकि यहां शासकीय महाविद्यालय नहीं होने के कारण यहां के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए गरियाबंद, राजिम और धमतरी जिला के नगरी जाना पड़ता था लेकिन वहां भी सीटें सीमित होने के कारण सभी छात्रों को प्रवेश नहीं हो मिल पाता था। इससे गरीब प्रतिभावान छात्र शिक्षा से वंचित रह जाते थे। क्षेत्र में उच्च शिक्षा की समस्या को रमन सरकार ने प्राथमिकता से लेते हुए मैनपुर में उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किया।
इससे यहां के सैकड़ों छात्र अब उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इसके बाद मैनपुर से लगे ग्राम भाठीगढ़ में 2 करोड़ रुपए की लागत से शासन ने विशाल कॉलेज भवन का निर्माण भी करवाया है। जिसका लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने गरियाबंद जिला मुख्यालय में किया था और इस महाविद्यालय में पिछले वर्ष 180 छात्र अध्यनरत थे और इस वर्ष संख्या में वृद्ध होगी।