CG: मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में यात्री बस संचालकों को दी बड़ी राहत

Chhattisgarh Budget 2020 Expectations: उद्योग के साथ-साथ आम लोगों की नजर राहत पर टिकी

अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ बिलासपुर रायपुर

बजट को लेकर आम उपभोक्ताओं के साथ व्यापारी भी उत्साहित हैं। व्यापारियों का कहना है कि प्रदेश का बजट ऐसा हो, जो व्यापार-उद्योग के विकास के साथ ही आम लोगों को राहत पहुंचाए। प्रदेश के विकास को लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स एसोसिएशन (कैट), चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा बहुत से सुझाव राज्य शासन को दिए भी जा चुके हैं। कारोबारियों के अनुसार व्यापार और व्यवसाय के पहले बहुत से विभागों में लाइसेंस लेने की अनिवार्यता होनी चाहिए, लेकिन प्रदेश के प्रमुख शहरों में एकल खिड़की व्यवस्था होनी चाहिए। पंजीकृत व्यवसायियों के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा होना चाहिए। होलसेल मार्केट पूरी तरह से शहर के बाहरी क्षेत्रों में जाए। इससे व्यापार-व्यवसाय भी बढ़ेगा और ट्रैफिक व्यवस्था भी सुधरेगी। बिजली की खपत कम करने के लिए हमें सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। इसके लिए सोलर उपकरणों को बढ़ाया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास पर फोकस किया जाए। नया रायपुर के विकास के साथ ही अब पुराने रायपुर को भी सुंदर बनाने पर ध्यान दिया जाए।

स्मार्ट ट्रैफिक पार्किंग और सुलभ शौचालय

शहर में स्मार्ट ट्रैफिकिंग, मल्टीलेवल पार्किंग के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्ना क्षेत्रों में सुलभ शौचालय भी होने चाहिए।

मंडी टैक्स से मिले मुक्ति

प्रदेश के अनाज कारोबारी चाहते हैं कि उन्हें इस बार मंडी टैक्स से मुक्ति मिल जाए। मंडी टैक्स के चलते बाहरी राज्यों से आने वाले खड़े मसाले, अनाज आदि के दाम बढ़ जाते हैं। साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती है। मंडी टैक्स के रूप में दो फीसद टैक्स लगता है।

साहूकारी लाइसेंस की प्रक्रिया हो ऑनलाइन

जेम्स एंड ज्वेलरी के लिए एक डिग्री कोर्स शुरू होना चाहिए। इसके साथ ही सराफा कारोबारी चाहते हैं कि साहूकारी लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जाए।

व्यापार उद्योग के साथ सभी का हो फायदा

बजट सभी को राहत पहुंचाने वाला हो। इसमें व्यापार-उद्योग के विकास के साथ ही आम लोगों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

 अमर पारवानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कैट

मंडी टैक्स से मिले राहत

मंडी टैक्स से मुक्ति मिलने से अनाज की कीमत और सस्ती होगी। इसके साथ ही अनावश्यक ही पड़ने वाली कागजी कार्रवाई से भी राहत मिलेगी।

– प्रकाश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स

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