छत्तीसगढ़ : 14 घंटे चर्चा के बाद अविश्वास प्रस्ताव गिरा

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार के खिलाफ विपक्ष का लाया अविश्वास प्रस्ताव 14 घंटे 8 मिनट तक चर्चा के बाद ध्वस्त हो गया। विपक्ष ने अपना दायित्व निभाते हुए 6 माह में दूसरी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया था।

चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस 3 पारियों में 5 बार अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। पहली दो में एक-एक बार और इस बार 3 बार अविश्वास प्रस्ताव लाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह विपक्ष का हथियार और अधिकार है।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि 15 सालों तक कांग्रेस ने क्या किया? कांग्रेस ने विपक्ष का दायित्व निभाते हुए एक सुझाव तक नहीं दिया। वे केवल अदालत का सहारा लेकर विरोध करते नजर आए और वहां भी कांग्रेस की पराजय हुई।

उन्होंने कहा, कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के सिद्धांत अर्थहीन हैं। कांग्रेस का केवल 1 सूत्रीय कार्यक्रम है ‘मोदी हटाओ देश बचाओ।’ कांग्रेस 10-10 पार्टियों का सहारा लेकर मोदी को हटाने में लगी हुई है। विश्वास और विकास यह हमारा मूल मंत्र है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और भाजपा की नीतियों में फर्क बताते हुए कहा कि कांग्रेस में राजस्व निधि 32 प्रतिशत थी, जो भाजपा के समय बढ़कर 42 प्रतिशत हुई। यह नीति आयोग के निर्णय के कारण संभव हो पाया। उज्जवला योजना में 19 लाख गैस कनेक्शन बांटे जा चुके हैं। 99.98 प्रतिशत लोगों के बैंक खाते खुल चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में 11 लाख मकान बनाने की लक्ष्य आगामी 3 वर्षों में है। अब किसी घर में अंधेरा नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा, जैसे कुंदन को आग में झोंका जाता है, उसी प्रकार कांग्रेस भी हमें अविश्वास प्रस्ताव में झोंक रही है। हम चौथी बार सरकार बनाएंगे और 65 सीटें जीतकर फिर इस सदन में आएंगे।

इससे पहले, दोनों दलों के नेताओं में दिनभर नोकझोंक चली। विपक्ष के तीखे प्रहारों का सरकार के मंत्रियों ने जवाब दिया।