SATNA की जेल में बिक रहा गांजा, ऐसे हुआ खुलासा, पढ़िए

रीवा: छग से एमपी तक पहुंचा 70 लाख का गांजा, रीवा में धराया

छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश रीवा

रीवा। कटहल की आड़ में पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से ट्रक के जरिए करीब 70 लाख रुपए का 22 क्विंटल गांजा एमपी के रीवा जिले तक पहुंच गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। रविवार तड़के 4 बजे मुखबिर की सूचना पर चोरहटा पुलिस ने बायपास से ट्रक समेत गांजे को पकड़ा। ट्रक चालक और क्लीनर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनसे और पूछताछ की जा रही है। मुखबिर की सूचना के आधार पर चोरहटा थाना प्रभारी ने बायपास के उमरी मोड़ में बल तैनात किया था। जांच के दौरान ट्रक में भरा गांजा बरामद कर लिया गया। पमामले की जांच पूरी होने के बाद ही गांजा तस्करी को लेकर पूरी स्थितियां स्पष्ट हो पाएगी।

ट्रक के आगे-पीछे थे अलग नंबर

जिस ट्रक से गांजा भरकर रीवा लाया जा रहा था उस ट्रक में आगे और पीछे दो अलग-अलग लिखे हुए हैं। ट्रक के सामने के हिस्से में जो नम्बर प्लेट है उसमें ट्रक क्रमांक-एमपी 20-एचबी-1226 लिखा हुआ है। जबकि ट्रक के पीछे के हिस्से में एमपी-20 एचबी-1060 की नम्बर प्लेट है। नंबर प्लेट को लेकर भी पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस का मानना है कि नंबर प्लेट से गांजा तस्कर पुलिस को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे थे।

ऊपर भरा हुआ था कटहल

गांजे की खेप सही सलामत पहुंचाने के लिए तस्करों द्वारा नई तकनीक अपनाई गई थी। ट्रक में नीचे गांजे से भरे बोरे रखे गए थे जबकि ऊपरी हिस्से को कटहल से पैक किया गया था। जिससे गांजे की महक न आए। कटहल की खुशबू के दम पर गांजा निर्धारित स्थल तक पहुंच सके। लेकिन मुखबिरी के चलते गांजा तस्करों के मंसूबे पर पानी फिर गया और कटहल के बीच रखा हुआ गांजा पुलिस के हाथ लग गया।

रीवा से आगे का रास्ता बताने मिलने वाले थे स्थानीय लोग

ट्रक में भरा गांजे का जखीरा मिलने के बाद पुलिस मामले को लेकर दिनभर व्यस्त रही। पकड़े गए ट्रक चालक और क्लीनर से पुलिस पूछताछ लगातार कर रही है। हालांकि अब तक की पूछताछ में चालक ने पुलिस को बताया कि छत्तीसगढ़ से रीवा पहुंचने की जानकारी दी गई थी। रीवा पहुंचने के बाद आगे का रास्ता बताने के लिए कुछ लोगों को मिलना बताया गया था। इसके पहले ही ट्रक चालक वाहन सहित पुलिस के हाथ लग गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि गांजे की खेप रीवा के लिए लाई गई है। लेकिन इसे बेचना कहां था यह स्पष्ट अभी नहीं हो पा रहा है।

पहले भी पकड़ा गया है गांजा

जिस तरह से जिले में गांजा की खेप पुलिस के हाथ समय-समय पर लगी है उससे यह स्पष्ट है कि गांजा तस्करों के लिए रीवा जिले की सड़कें सुगम हैं। हालांकि पुलिस का मुखबिर तंत्र लगातार गांजा तस्करों को सलाखों तक पहुंचा रहा है। चोरहटा थाना क्षेत्र में भी पूर्व में दो ट्रक शराब और कोरेक्स सहित अन्य मादक पदार्थ पुलिस ने पकड़े थे तो वहीं सिटी कोतवाली पुलिस ने रतहरा कोष्टा के पास भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। जबकि गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में भी पुलिस के हाथ कई बार गांजा लग चुके हैं। पूर्व में जो गांजा पुलिस के हाथ लगे थे वह उड़ीसा से गांजा की खेप लाया जाना सामने आया था। जबकि इस बार चोरहटा थाने की पुलिस के हाथ छत्तीसगढ़ का गाजा लगा है।

इनकी रही मुख्य भूमिका

ट्रक में भरे गांजा को पकड़ने के लिए चोरहटा थाना प्रभारी अमिनेश द्विवेदी के साथ ही एएसआई रामरूचि साकेत, आरक्षक सतेन्द्र पांडेय, आरक्षक वरूण, आरक्षक आशीष सिंह, सत्यनारायण सिंह, रवि सिंह सहित अन्य पुलिस कर्मियों की अहम भूमिका रही और मुखबिर तंत्र फैलाने के साथ ही घेराबंदी करके उन्होंने गांजा की खेप पकड़ी है।

ट्रक में भरा गांजा जब्त किया गया है। जिसकी कीमत 70 से 80 लाख रुपए के लगभग है। गांजा मामले की अभी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी। -अमिनेश द्विवेदी, थाना प्रभारी, चोरहटा।