CG: सख्ती से सहमे पुलिस जवान, पत्नियां आंदोलन पर आमादा

छत्तीसगढ़

रायपुर/भिलाई/धमतरी/दंतेवाड़ा। पुलिस परिवारों के आंदोलन से सशंकित सरकार ने चप्पे-चप्पे पर पहरा बिठा दिया है। आंदोलन को कुचलने के लिए बर्खास्तगी, नोटिस, समझाइश और धमकी के बाद पुलिस जवान सहमे हुए हैं लेकिन उनकी पत्नियां आंदोलन के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इन खुफिया सूचनाओं को लेकर शासन की बेचैनी बढ़ी हुई है। सोमवार को राज्य मुख्यालय पर प्रस्तावित प्रदर्शन को नाकाम करने के लिए रायपुर की ओर आने वाली सड़कों पर कड़ा पहरा लगा दिया गया है। हर यात्री वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है। राजधानी जाने वाले पुलिस परिवारों को चिह्नित कर जबरन वाहनों से उतारकर वापस भेजा जा रहा है।

रविवार को प्रदेश भर में पुलिस अकिारी अपने मातहतों को चेतावनी देते रहे। कई जगहों पर जवानों से लिखित में आंदोलन में भाग न लेने का करारनामा लिया गया। पुलिस परिवारों ने सोमवार 25 जून को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने का एलान किया है।

दहशत इतनी ज्यादा है कि कई जवानों ने अपना मोबाइल ही बंद कर दिया है। व्हाट्सएप संदेशों पर नजर रखी जा रही है। आंदोलन में सक्रिय पुलिस जवानों के मोबाइल फोन टेप किए जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी पुलिस जवानों की मांगों पर गंभीरता दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा-यह विषय महत्वपूर्ण है और प्रशासन इसे लेकर गंभीर है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इसे लेकर प्रयास कर रहे हैं। बातचीत की कोशिश की जा रही है। मुझे नहीं लगता कि आंदोलन की भूमिका बनेगी।

शांतिभंग के आरोप में विधायक और कांग्रेस अध्यक्ष गिरफ्तार

दंतेवाड़ा में पुलिस आंदोलन का समर्थन करने पुलिस लाइन पहुंची विधायक देवती कर्मा और उनकी पुत्री तूलिका को पुलिस ने शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दोनों को सर्किट हाउस लाया गया। बाद में पुलिस ने निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। रायपुर में भी पुलिस आंदोलन को समर्थन देने के लिए पुलिस लाइन जा रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष विकास उपाध्याय को पुलिस ने गिरफ्तार किया। विकास को सेंट्रल जेल ले जाया गया जहां से चार घंटे बाद छोड़ दिया गया।

आंदोलन पर आमादा पत्नी को घर से निकाला

भिलाई में हेडक्वार्टर डीएसपी प्रमोद गुप्ता ने रोजनामचे में यातायात विभाग के आरक्षक एस कुमार साहू के खिलाफ कार्रवाई की अनुसंशा की। कारण लिखा कि उसकी पत्नी पुलिस परिवारों को आंदोलन के लिए उकसा रही है। यह देखकर डरे सहमे साहू ने घर लौटते ही पत्नी डॉली साहू की जमकर पिटाई की और उसे घर से निकाल दिया। डॉली इसके बाद पति पर एफआईआर कराने के लिए थाने पहुंच गई। उसने कहा है कि वह आंदोलन में जरूर जाएगी। इस मामले में एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है।

हाइवे पर कड़ी निगरानी, हर वाहन की हो रही जांच

पुलिस आंदोलन को रोकने के लिए सभी हाइवे पर कड़ी निगरानी की जा रही है। धमतरी में एनएच 30 पर एसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सिटी कोतवाली प्रभारी राकेश मिश्रा टीम लेकर दिनभर डटे रहे। यात्री बस से लेकर जगदलपुर की तरफ से आने वाले सभी वाहनों की जांच की गई। रायपुर जा रहे पुलिस परिवारों को हड़काकर वापस भेजा गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि दबाव डालकर नहीं समझा बुझाकर वापस भेजा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एएसपी की धमकी

पुलिस परिवारों को समझाने के लिए न्यू पुलिस लाइन दुर्ग पहुंची आईयूसीएडब्ल्यू की एएसपी सुरेशा चौबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। इसमें एएसपी चौबे अपने पद की धौंस दिखाते हुए महिलाओं को आंदोलन का हिस्सा न बनने के लिए बोल रही हैं। किसी के आंदोलन में शामिल होने पर उनके पति को बर्खास्त करने की बात भी एएसपी बोल रही हैं। बर्खास्त होने की बात को भी वो निपटाने जैसे शब्दों से बोलती नजर आ रही हैं। एएसपी सुरेशा चौबे का कहना है कि उन्होंने माहौल को देखकर इस लहजे में बात की थी।