छत्तीसगढ़ सरकार बांटेगी 45 लाख स्मार्टफोन

छत्तीसगढ़

चुनावों से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार मतदाताओं को लुभाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती। सरकार ने संचार क्रांति योजना (एसकेवाई) के तहत 45 लाख स्मार्टफोन बांटने की योजना बनाई है। सरकार ने यह फैसला अपनी उपलब्धियों को प्रचारित करने के मकसद से किया है। ये स्मार्टफोन निम्न आय समूह, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और समाज के कमजोर तबकों में बांटे जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक सरकार का यह फैसला राज्य में एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर को खत्म करने के इरादे से लिया गया है। इसके अलावा सरकार और भी कई योजनाएं लाने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक 15 सालों में एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर का पैदा होना आम बात है, लेकिन इससे बड़े धैर्यपूर्वक निबटने की जरूरत है।

सरकार चाहती है कि लोगों को केन्द्र और राज्य दोनों की योजनाओं के बारे में जानकारी मिले। मोबाइल के जरिए लोगों को राशन वितरण, स्कॉलरशिप और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी।

सूत्रों के मुताबिक सरकार इस योजना को राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता या केन्द्रीय मंत्री की मौजूदगी में अगस्त के आखिरी हफ्ते में शुरू करेगी। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने एंटी-इनकंबेंसी से निबटने के लिए एक साल पहले ही योजना पर काम करना शुरू कर दिया था। इस काम में न केवल राज्य के अधिकारी बल्कि राज्य के मंत्री और मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि सरकार को इस साल लोक सूरज स्कीम के तहत 25 लाख आवेदन मिले हैं और इन्हें स्थानीय स्तर पर शिविर लगा कर निबटाया जा रहा है। वहीं इस साल सार्वजनिक शौचालयों और उज्जवला योजना से जुड़ी शिकायतों का भी अधिकारी जल्द से जल्द निस्तारित कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामले जो अधिकारी स्तर पर सुलझने में नाकाम रहे हैं, उन्हें मुख्यमंत्री खुद निबटा रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री सार्वजनिक शिकायतों के निबटारे के लिए लोक सूरज शिविरों का भी दौरा कर रहे हैं।

सरकार का दावा है कि जनता और अधिकारियों के बीच संवाद बढ़ने और कैपों में मुख्यमंत्री की औचक निरिक्षण से एंटी-इनकंबेंसी 70-80 फीसदी की कमी आई है। वहीं मुख्यमंत्री के शिविर विश्राम से भी कुछ मामले फटाफट हल हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार का यह पांचवा साल और तीसरा कार्यकाल है। वहीं लोगों की राय जानने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री विकास यात्रा का भी आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विकास यात्रा के तहत 14 जून, 2018 तक ग्रामीण इलाकों की 55 विधानसभाओं का दौरा कर चुके हैं।

यह यात्रा 12 मई को दंतेवाड़ा से शुरू हुई थी औरर इसका दूसरा चरण मानसून के बाद शुरू होगा, जिसमें 35 शहरी विधानसभाओं का दौरा किया जाएगा, जो चुनावों तक जारी रहेगा, ताकि एंटी-इनकंबेंसी के प्रभाव को कम किया जा सके।