संविलियन पर बोले छत्तीसगढ़ सीएम – शिक्षाकर्मियों को वो दिया जो उन्होंने मांगा, अब शिक्षा का स्तर बढ़ना चाहिए

छत्तीसगढ़

रायपुर। मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर से राज्यस्तरीय शाला प्रवेशोत्सव की शुरुआत की। राजधानी के भाठागांव स्थित नगर माता बिन्नीबाई सोनकर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला से मुख्यमंत्री ने इसकी शुरुआत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों को मिली संविलियन की सौगात का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षाकर्मियों को इससे सम्मानजनक अधिकार तो मिलेगा ही, शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आधे से कम बच्चे स्कूल जाते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे गुणवत्ता में सुधार आ गया है। अब स्कूल में सभी वर्ग के बच्चे स्कूल जाने लगे हैं।

– सीएम ने कहा कि मैंने देखा कि अब कलेक्टर के बच्चे भी सरकारी स्कूल जा रहे हैं, ये अपने आप मे बहुत बड़ी बात है। इसके लिए मैं कलेक्टर को बधाई देता हूं। अब हमारी सरकारी स्कूलों की भी गुणवत्ता सुधरते जा रही हैं। अब एसपी , कलेक्टर के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। मेरे भी बच्चों ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है। अब सभी शिक्षकों को सम्मानजनक अधिकार मिलेगा। इसी कारण से हमारी सरकार ने शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया है।

– कवर्धा के कलेक्टर अवनीश शरण ने सोमवार को ही अपनी बेटी का एडमिशन उस सरकारी स्कूल में करा दिया जिसमें खुद सीएम डॉ. रमन सिंह पढ़ चुके हैं।

मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि

– जब शिक्षाकर्मियों का संविलियन नहीं हुआ था तो शिक्षक पंचायत संघ, शिक्षाकर्मी संघ जब देखो तब हड़ताल करते थे। ऐसे में हमारी सरकार ने शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया है। अब हम लोग भी ये चाहते हैं कि ये सारे शिक्षक हमारे छत्तीसगढ़ की शिक्षा को भी पूरे राज्य में नंबर वन करें, यही हम और हमारी सरकार चाहती है।

– सांसद रमेश बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जब से हमारी सरकार आई है तब से सबसे ज्यादा जोर शिक्षा क्षेत्र में दिया है हमारी सरकार ने, सबसे पहले मैं अपनी सरकार को धन्यवाद दूंगा कि शिक्षाकर्मियों की मांगों को मानकर शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर दिया अब हम भी चाहते है के आप शिक्षक भी अपना काम करें। मुख्यमंत्री ने बच्चों को पाठ्य सामग्री और किताब भी बांटे, साथ ही स्कूल आकर बेहतर पढ़ाई की प्रेरणा भी दी।