छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव : कांग्रेस के गढ़ से मोदी के निशाने पर ‘मिशन 65’

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव का किला फतह करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के गढ़ को चुना। पिछले लोकसभा चुनाव में प्रदेश की एकमात्र सीट दुर्ग में हार का सामना करने वाली भाजपा ने चुनावी हुंकार वहीं से भरी है। भाजपा की राजनीति के जानकारों की मानें तो एक साल बाद होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ का विधानसभा चुनाव सेमीफाइनल के रूप में है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की नजर आदिवासी और पिछड़ा वोटबैंक पर है। प्रदेश में आदिवासी समाज सरकार से नाराज है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको साधने के लिए विकास के नए मानकों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

भाजपा के आला नेताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही भिलाई स्टील प्लांट के उद्घाटन और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने आए थे, लेकिन वे दुर्ग में भाजपा के जनाधार का लिटमस टेस्ट भी करके गए हैं। मोदी की सभा में एक लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ और मोदी के भाषण के बीच-बीच में हुई नारेबाजी ने बता दिया कि प्रदेश में अभी भी संगठन मजबूत है और मिशन 65 की नैया पार करने में सक्षम भी है।

मोदी की सभा के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने भी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ प्रवास ऐतिहासिक रहा है। भिलाई स्टील प्लांट के विस्तार योजना से लेकर, आईआईटी का भूमिपूजन सहित बस्तर उड़ान से छत्तीसगढ़ के विकास को बल मिलेगा।

यह है भाजपा का मिशन 65

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विधानसभा चुनाव में 65 सीट पर जीत का लक्ष्य तय किया है। प्रदेश में भाजपा के 49 विधायक है। शाह के फार्मूले को मानें तो चुनाव में 49 सीट को हाथ से किसी भी कीमत में गंवाना नहीं है। भाजपा ने 2008 के विधानसभा चुनाव में जीत 16 सीट को पिछले विधानसभा चुनाव में गंवा दिया था।

अमित शाह ने उन सीटों पर भी जीत का लक्ष्य तय किया है। भाजपा पदाधिकारियों ने बताया कि अमित शाह का सीधा मानना है कि जहां एक बार पार्टी को जीत मिली है, वहां संगठन का जनाधार है। उसे सक्रिय करके एक बार फिर जीत दर्ज की जा सकती है।