Airtel, Vodafone, Idea, Jio, BSNL यूजर ऐसे पता करें अपना मोबाइल नंबर

मोबाइल नंबर से बैंक अकाउंट कर रहे साफ, ये लापरवाही पड़ रही लोगो को भारी

बिज़नेस

एक एड फर्म में काम करने वाले अभ‍िजीत दास जब रात को गहरी नींद में सो रहे थे, इसी दौरान उनके खाते से 1.4 लाख रुपये साफ कर दिए गए. धोखाधड़ी करने वालों ने बड़ी चालाकी से उनके खाते से ये पैसे निकाल लिए.टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक रात को जब ये फ्रॉड हुआ, तो अभिजीत को कई मैसेज आए. इसमें पिन बदलने के लिए ओटीपी समेत बेनेफ‍िश‍ियरी एड करने व फंड ट्रांसफर की जानकारी भी आई. इससे आशंका जताई जा रही है कि पीड़‍ित का सिम क्लोन कर इस फ्रॉड को अंजाम दिया गया.

लेकिन धोखाधड़ी करने वाले इसी तरीके से नहीं, बल्क‍ि वे आपके मोबाइल नंबर की बदौलत दूसरे तरीकों से भी फ्रॉड कर रहे हैं. जिसको लेकर अगर आप ने सतर्कता नहीं बरती, तो आपको लाखों रुपये की चपत लग सकती है.

आधार वेरीफ‍िकेशन के नाम पर फ्रॉड: आपको एक फोन आता है. सामने वाला कहता है कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है और जल्दी नहीं किया तो आपका सिम बंद हो जाएगा. इस दौरान वह आपको एक नंबर देता है, जिसे आपको 121 पर भेजने के लिए कहा जाता है.
जैसे ही आप उस नंबर को 121 पर भेजते हैं, वैसे ही आपका बैंक अकाउंट साफ कर दिया जाता है. कई लोगों को इसके जरिये लाखों रुपये की चपत लग चुकी है.

कैसे बचें ? इससे बचने का एक ही तरीका है कि आप तब तक कोई भी नंबर 121 पर न भेजें, जब तक आपके पास उस नंबर का फिजिकल सिम मौजूद न हो. और याद रख‍िये, सिम-आधार लिंक 121 पर कोई नंबर भेजने से नहीं होता.

वर्चुअल किडनैपिंग: धोखाधड़ी करने वाला टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बनकर आपको फोन करता है और वह कहता है कि आपके मोबाइल नंबर को अपडेट करने की जरूरत है. इसलिए आपको अपने मोबाइल को कम से कम आधे घंटे के लिए बंद करना होगा. आप बिना कोई वेरीफ‍िकेशन किए मान जाते हैं.

ऐसे होता है फ्रॉड: आप जैसे ही अपना मोबाइल नंबर बंद करते हैं, आपके घर फोन जाता है. आपके घरवालों से कहा जाता है कि आपको किडनैप कर लिया गया है और उन्हें जल्द से जल्द फिरौती की रकम खाते में भेजने के लिए कहा जाता है.
इस दौरान आपके घर वाले आपके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोश‍िश करते हैं, लेक‍िन आपका मोबाइल नंबर बंद आता है और इस तरह परिवार को भी विश्वास हो जाता है कि आपका किडनैप हो चुका है. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने इसे वर्चुअल किडनैपिंग नाम दिया है.

ऐसे बचें: जब कभी भी आपको ऐसा कोई कॉल आए, तो फोन स्व‍िच ऑफ करने से पहले खुद अपनी टेलीकॉम कंपनी को फोन करें और इस बारे में जानकारी प्राप्त कर लें. उसके बाद ही कोई फैसला लें.