MP: पहले भावान्तर योजना के लिए की थी डाटा ऑपरेटर्स की भर्ती, अब हटाने का फरमान1 min read

Bhopal Madhya Pradesh

शासन ने भावांतर योजना के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटरों की भर्ती की थी। काम पूरा होने के बाद लगभग 8 सौ ऑपरेटर्स को बाहर करने का फरमान जारी कर दिया।

भोपाल. राज्य सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए भावांतर भुगतान योजना शुरू की थी। इसके तहत प्राइवेट कंपनियों के माध्यम से (मानव संसाधन) 14 अक्टूबर 2017 को विभिन्न संभागों के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर्स रखे गए। लेकिन भावांतर भुगतान पूर्ण होने के बाद ऑपरेटर्स को हटाने का फरमान जारी कर दिया।

योजना के तहत भोपाल संभाग में 344, ग्वालियर संभाग में 180, इंदौर 186, रीवा 46, उज्जैन 264 , सागर 226, जबलपुर संभाग में 132 ऑपरेटर नियुक्त किए गए थे। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में-3, बोर्ड मुख्यालय में- 22, सात आंचलिक कार्यालय में 14 (मानव संसाधन) डाटा एंट्री ऑपरेटरों को भी 14 अक्टूबर 2017 को पदस्थ किया गया था। इन्हें प्रदेश की तीन निजी कंपनियाें ने उपलब्ध कराया था।

लेकिन 1 मई 2018 को अचानक 800 ऑपरेटर्स को बिना कारण बताए हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है। इससे ऑपरेटर्स सकते में हैं। मंडी बोर्ड ने अपने पत्र में लिखा है कि 30 जून 2018 तक ही ऑपरेटर्स का पारिश्रमिक, सेवा प्रभार, जीएसटी एवं सीएसटी आदि का भुगतान किया जाएगा।



30 जून तक ऑपरेटर्स हटाना है

सरकार ने भावांतर योजना शुरू की थी। इसलिए पंजीयन और किसानों को सीधे भुगतान करने के लिए डाटा एंट्री ऑपरेटर्स की नियुक्ति की गई थी। इसके लिए प्राइवेट कंपनियों के माध्यम से 257 मंडियों के लिए 800 डाटा एंट्री ऑपरेटर्स रखे गए। अब योजना बंद होने से इन कर्मचारियों की जरूरत नहीं है। इसलिए कंपनियों को पत्र लिखकर 30 जून 2018 तक सभी डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को हटाने के लिए लिखा गया है। फैज अहमद किदवई, प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, भोपाल

कर्मचारियों के पास काम नहीं हैं

मंडी बोर्ड से तीनों कंपनियों को पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें उल्लेख है कि भावांतर योजना के लिए करीब 800 डाटा एंट्री ऑपरेटर्स को रखा गया था। उन्हें 30 जून तक हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इन कर्मचारियों को कंपनियों के माध्यम से काम पर रखा गया था। हम लोगो ने भी कर्मचारियों को काम करने से रोक दिया हैं। अभी फिलहाल किसी भी कर्मचारी के पास काम नहीं हैं। अंबिका प्रसाद , डायरेक्टर, मे. प्राइम वन फोर्स प्रा,लि, भोपाल



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