मां ने मोबाइल पर बात करने से रोका तो बेटी ने कर दी चाइल्ड लाइन में शिकायत

Bhopal

भोपाल. मेरी बेटी रातभर मोबाइल पर बात और चैटिंग करती रहती है। पढ़ाई में उसका बिल्कुल मन नहीं लग रहा है। इस साल वह 12वीं में है। जब मोबाइल लेकर रख लिया तो उसने चाइल्ड लाइन में हमारे खिलाफ शिकायत कर दी। यह बात चाइल्ड लाइन में काउंसलिंग के दौरान एक 16 वर्षीय बेटी की मां ने बताई।

कुछ ऐसा ही मामला बागसेवनिया से एक 11वीं की छात्रा का आया है। छात्रा ने चाइल्ड लाइन में फोन कर शिकायत की कि अभिभावक उसे प्रताड़ित करते हैं। जब यह मामला काउंसलिंग में पहुंचा तो पता चला कि लड़की की 4 साल से एक लड़के से दोस्ती है और वह दिन-रात फोन पर बात करती रहती है और साथ घूमने भी जाती है। जब माता-पिता ने रोका तो उसने चाइल्ड लाइन में शिकायत कर दी।

चाइल्ड लाइन में हर माह ऐसे 5 से 6 मामले आ रहे हैं, जिसमें बच्चे अपने ही अभिभावक के खिलाफ प्रताड़ना की शिकायत कर रहे हैं। अभी हाल ही में करोंद निवासी एक 14 वर्षीय लड़की अपने घर से कपड़े और समान लेकर भागी थी, जो जीआरपी पुलिस को मिली थी। इसमें भी एक लड़के से दोस्ती का मामला सामने आया था।

मोबाइल बना परेशानी का सबब 

काउंसलिंग में यह बात सामने आ रही है कि अधिकतर मामलों में मोबाइल परेशानी का सबब बन गया है। सभी मामले 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के आ रहे हैं। जिनका अपने दोस्तों से रातभर बात करना अभिभावकों को रास नहीं आ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे पढ़ाई छोड़कर दिन-रात सोशल मीडिया पर चैटिंग कर रहे हैं।

मरने की धमकी भी देते हैं 

काउंसलिंग में अभिभावकों ने बताया कि मोबाइल से बात करने या चैटिंग करने से रोकने पर बच्चे मरने की धमकी देते हैं। चाइल्ड लाइन की काउंसलर का कहना है कि ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को बैठाकर समझाया जाता है। बच्चों को उनके अच्छे-बुरे के बारे में भी बताया जाता है।

काउंसलिंग कर समझाते हैं

आजकल बच्चे फोन पर दोस्तों से ज्यादा बातें करते हैं, जो अभिभावकों को पसंद नहीं आता है। वहीं बच्चे अभिभावकों द्वारा रोकने-टोकने से परेशान होकर शिकायत कर रहे हैं। ऐसे मामलों में काउंसलिंग कर बच्चों को समझाया जाता है। अभिभावकों को बच्चों का दोस्त बनकर उन्हें समझाना चाहिए। -अर्चना सहाय, डायरेक्टर, चाइल्ड लाइन

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