Rape Attempted

BHOPAL RAPE : दुष्कर्म-हत्या का आरोपी बोला-बच्ची की लाश से भी किया रेप, मुझे….

Bhopal

दिल्ली। राजधानी भोपाल में आठ साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी विष्णु भमौरे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। ओंकारेश्वर से गिरफ्तार किए गए विष्णु ने पुलिस को बताया कि उसे डर था कि बच्ची की आवाज पड़ोसियों के कानों तक जा सकती है, इसलिए उसने एक हाथ से बच्ची का मुंह बंद किया और दूसरे से उसका गला घोंट दिया। बच्ची के बेसुध होने के बाद आरोपी ने उसकी लाश के साथ रेप किया और लाश को ठिकाने लगाकर मौके से फरार हो गया। बता दें कि पुलिस दो दिन के भीतर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करेगी।

आरोपी ने पुलिस से कहा, मैंने बच्ची के साथ गलत किया है। मुझे गोली मार दी जाए। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे में था, उसे कुछ होश नहीं है। जब वह होश में आया तो बच्ची मर चुकी थी। वह घर के बाहर आया तो पता चला कि बच्ची के घरवाले उसे ढूंढ रहे थे। बच्ची के साथ रेप और हत्या के आरोपी 35 वर्षीय विष्णु प्रसाद उर्फ बबलू को भोपाल से लगभग 250 किलोमीटर दूर ओंकारेश्वर के पास मोरटक्का में सोमवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे गिरफ्तार किया गया था। उसे भोपाल लाया गया, जहां उसने कहा कि अपराध करते समय वह नशे में था। भोपाल के डीआईजी इरशाद वाली ने कहा, ‘बच्ची के शरीर में किसी भी तरह के विरोध करने वाले चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रबल संभावना है कि बच्ची को पहले मारा गया होगा और फिर उसका यौन शोषण किया गया।’ 

आरोपी की जुबानी 
आरोपी विष्णु ने बताया की सात साल पहले मेरी शादी हुई थी। शादी के दो महीने बाद से ही पत्नी अगल रहने लगी थी। मैं अपनी मां के साथ झुग्गी बस्ती में रह रहा था। बच्ची का घर मेरे घर से कुछ ही दूरी पर था। बच्ची मेरे घर के बाहर से गुजर रही थी। मैंने बच्ची को बहाने से घर के दरवाजे के पास बुलाया। जैसे ही बच्ची पास आई तो उसकी गर्दन पकड़कर अपने कमरे में खींच लिया। इसके बाद उसे बिस्तर में पटक दिया। वही चीखने लगी तो कमरा बंद कर हाथ से उसका मुंह दबा लिया। इसके बाद उसके साथ गलत काम किया। करीब 15 मिनट तक उसका मुंह दबाए रखा। वह बेसुध हो गई तो हिलाया-डुलाया, लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। इसके बाद उसके शव को कमरे में कपड़ो के बीच छिपा दिया। थोड़ी देर बाद उसकी लाश से रेप किया। जब बच्ची के परिवार वाले उसे तलाश रहे थे तब उसके शव को नाले के पास फेंक दिया और भोपाल से फरार हो गया। बच्ची की लाश को ठिकाने लगाने के बाद मैं डरा हुआ था। लाश मिलने के बाद मैं ज्यादा डर गया और मोबाइल बंद कर लिया। इंटरसिटी एक्सप्रेस में बैठकर इंदौर चला गया। इंदौर से मोरटक्का के लिए बस पकड़ी और फिर अपना मोबाइल खोला। मैं आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने मुझे पहले ही पकड़ लिया। 

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