न-न करते उतार दिए ‘पैराशूट प्रत्याशी’, टिकट ही सबकुछ, बाकी बातें बेकार1 min read

Assembly Election 2018 Bhopal Madhya Pradesh National

पिछले एक माह में भाजपा-कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता कई बार ये दावा कर चुके हैं कि पैराशूट से आने वाले नेताओं को टिकट…

पिछले एक माह में भाजपा-कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता कई बार ये दावा कर चुके हैं कि पैराशूट से आने वाले नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा, लेकिन ये दावा टिकट बांटते समय दोनों ही दल भूल गए। दोनों दलों ने एक दर्जन से ज्यादा दलबदलुओं को टिकट देकर चुनाव में ताल ठोंकने का मौका दिया है। 

कांग्रेस ने नामांकन के एक दिन पहले पार्टी का दामन संभालने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह को होशंगाबाद से चुनाव मैदान में उतार दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साले संजय सिंह मसानी को दो दिन में ही वारासिवनी से टिकट दे दिया, जबकि स्थानीय कांग्रेसी इसका विरोध कर रहे थे। भाजपा के पूर्व विधायक और रीवा जिला पंचायत के अध्यक्ष अभय मिश्रा भी पिछले दिनों कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्हें पार्टी ने रीवा से चुनाव मैदान में उतारा है। उनकी प|ी नीलम मिश्रा वर्तमान विधानसभा में सेमरिया से भाजपा की विधायक हैं। श्योपुर से कांग्रेस ने बसपा से आए बाबूलाल जंडेल पर भरोसा जताया है। कुछ दिन पहले ही बसपा से कांग्रेस में आईं विद्यावती पटेल को देवतालाब सीट से टिकट दे दिया गया। 

राहुल ने कहा था- पैराशूट से आने वाले नेताओं को टिकट नहीं देंगे, पर दे दिए 

सामना… आशीर्वाद तो दिया पर विजयीभव नहीं कहा…

भाजपा में कई बड़े नाम

गुरुवार को ही सपा छोड़कर आए प्रह्लाद लोधी को पवई से भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। ऐसे ही भोपाल में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे रसूल अहमद सिद्दीकी की बेटी फातिमा सिद्दीकी को एक दिन में टिकट मिल गया। कोलारस में कांग्रेस के पूर्व विधायक वीरेंद्र रघुवंशी भी टिकट पाने में सफल रहे। सुमावली में बसपा से भाजपा में आए अजब सिंह कुशवाह को टिकट से नवाजा गया है। सेवढ़ा में भी बसपा नेता रहे राधेलाल बघेल को भाजपा उम्मीदवार बनाया गया है। 

यहां तो दोनों दलबदलू

हाल में चर्चा में रही तेंदूखेड़ा सीट पर दिलचस्प मामला सामने आया। यहां भाजपा विधायक संजय शर्मा ने पिछले दिनों कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी भी बनाया है। उनका सामना भाजपा के विश्वनाथ पटेल (मुलायम सिंह) से होगा। पटेल भी हाल में कांग्रेस से भाजपा में पहुंचे हैं। कुछ ऐसा ही मुकाबला विजयराघवगढ़ में देखने को मिलेगा, यहां भाजपा के संजय पाठक के सामने पद्मा शुक्ला हैं। पाठक कांग्रेस छोड़कर भाजपा तो पद्मा भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गईं। 

पैराशूट प्रत्याशी बनकर होशंगाबाद से टिकट पाने वाले 78 वर्षीय सरताज सिंह का सामना शुक्रवार को 67 वर्षीय भाजपा प्रत्याशी डॉ. सीतासरन शर्मा से हो गया। सरताज को डॉ. शर्मा अपने राजनीतिक गुरु की तरह मानते हैं। उन्होंने नामांकन कार्यालय में जैसे ही सरताज को देखा तो उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। सरताज ने खुश रहने का आशीर्वाद तो दिया, पर विजयीभव नहीं कहा। फोटो- नरेंद्र कुशवाहा 

ये भी मैदान में

चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को भाजपा ने भिंड से प्रत्याशी घोषित किया है। उन्होंने पिछली विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ही कांग्रेस छोड़ दी थी। पिछले चुनाव में उनके भाई चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी को मेहगांव से भाजपा का टिकट मिला था और वे विधायक बने थे। इस बार मेहगांव से मुकेश सिंह का टिकट काटकर राकेश सिंह को भिंड से उम्मीदवार बनाया गया है। ऐसे और भी नाम हैं, जो चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। 

Facebook Comments