सोशल मीडिया दिग्गज Meta Platforms एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई नया फीचर नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा अपने वर्कफोर्स में 20 प्रतिशत या उससे अधिक की कटौती करने पर विचार कर रहा है। Meta layoffs news 2026 के मुताबिक, यह फैसला कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को संतुलित करने के लिए लिया जा सकता है।
16,000 कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज
दिसंबर 31 के आंकड़ों के अनुसार, मेटा में लगभग 79,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। यदि कंपनी 20 प्रतिशत की कटौती का पालन करती है, तो लगभग 16,000 लोग अपनी नौकरी खो सकते हैं। Meta workforce reduction की यह योजना मार्क जुकरबर्ग के 'ईयर ऑफ एफिशिएंसी' के बाद की सबसे बड़ी छंटनी साबित होगी। हालांकि, मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इन खबरों को 'काल्पनिक दृष्टिकोण' बताया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सीनियर एग्जीक्यूटिव्स को टीम ट्रिम करने की प्लानिंग शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
AI की रेस में बने रहने के लिए भारी निवेश
मेटा का पूरा ध्यान इस समय जेनरेटिव एआई की रेस में सबसे आगे निकलने पर है। कंपनी ने 2028 तक डेटा सेंटर बनाने के लिए लगभग $600 बिलियन का निवेश करने की योजना बनाई है। Mark Zuckerberg AI plans के तहत कंपनी टॉप एआई रिसर्चर्स को करोड़ों डॉलर के पैकेज देकर अपनी 'सुपरइंटेलिजेंस' टीम में शामिल कर रही है। Meta AI spending 2028 को पूरा करने के लिए कंपनी अन्य क्षेत्रों में खर्च कम करने की कोशिश कर रही है, जिसका असर वर्कफोर्स पर पड़ रहा है।
एआई मॉडल 'Avocado' और 'Behemoth' की चुनौतियां
इतने बड़े निवेश के बावजूद मेटा के एआई सफर में मुश्किलें कम नहीं हैं। पिछले साल Llama 4 benchmark controversy के कारण कंपनी की काफी आलोचना हुई थी। इसके अलावा, मेटा ने अपने सबसे बड़े मॉडल 'Behemoth' की रिलीज को रद्द कर दिया और अब उनका नया मॉडल 'Avocado' भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। Meta Avocado AI model के खराब प्रदर्शन के कारण इसकी रिलीज में देरी हो रही है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
क्या एआई छीन रहा है इंसानों की जगह?
मार्क जुकरबर्ग का मानना है कि एआई टूल्स की प्रगति से अब छोटी टीमें भी वो काम कर सकती हैं जिनके लिए पहले सैकड़ों लोगों की जरूरत पड़ती थी। Zuckerberg on small teams का बयान इसी ओर इशारा करता है कि भविष्य में टेक कंपनियों को कम कर्मचारियों की जरूरत होगी। केवल मेटा ही नहीं, बल्कि Amazon 16000 layoffs और ब्लॉक इंक जैसी कंपनियों ने भी एआई को उत्पादकता बढ़ाने का जरिया बताते हुए छंटनी की है।
निष्कर्ष: टेक इंडस्ट्री के लिए बदलता समय
2026 में तकनीकी जगत में एआई एक बड़े बदलाव का कारण बन रहा है। Meta 20 percent layoffs की खबरें यह साफ करती हैं कि कंपनियां अब मैनपावर से ज्यादा कंप्यूटिंग पावर पर भरोसा कर रही हैं। Future of AI at Meta क्या होगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन वर्तमान स्थिति हजारों कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता भरी है।