1 अप्रैल से Toll Plaza होंगे पूरी तरह Cashless: अब सिर्फ FASTag या UPI से देना होगा टैक्स, 25 टोल पर ट्रायल शुरू

1 अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। अब टोल टैक्स केवल FASTag या UPI से ही चुकाया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य जाम खत्म करना और सफर को तेज बनाना है।

Update: 2026-01-16 13:52 GMT
  • 1 अप्रैल से सभी टोल प्लाजा होंगे कैशलेस
  • अब टोल टैक्स केवल FASTag या UPI से ही लिया जाएगा
  • देश के 25 टोल प्लाजा पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू
  • लंबी कतारें और जाम खत्म करने की तैयारी

देशभर के वाहन चालकों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। 1 अप्रैल से भारत के सभी टोल प्लाजा पूरी तरह कैशलेस हो जाएंगे। इसके बाद टोल टैक्स चुकाने के लिए केवल FASTag या UPI डिजिटल पेमेंट का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। टोल बूथ पर नकद (कैश) भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने एक टीवी इंटरव्यू में दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन समाप्त करने का फैसला लिया है, ताकि यात्रियों को बिना रुकावट तेज और सुगम सफर मिल सके। हालांकि, इस फैसले को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी होना बाकी है।

No-Stop Tolling – बिना रुके सफर की दिशा में कदम

सरकार का उद्देश्य टोल नाकों पर लगने वाली लंबी कतारों और ट्रैफिक जाम को खत्म करना है। मौजूदा व्यवस्था में कई वाहन FASTag के बावजूद कैश से भुगतान करते हैं, जिससे बूथ पर रुकना पड़ता है और पीछे लंबी लाइन लग जाती है। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि ईंधन भी ज्यादा खर्च होता है।

कैशलेस सिस्टम लागू होने के बाद गाड़ियों को टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। FASTag या UPI के जरिए भुगतान स्वतः हो जाएगा और वाहन बिना बाधा आगे बढ़ सकेंगे। इसे ही सरकार ‘नो-स्टॉप टोलिंग’ सिस्टम की ओर पहला बड़ा कदम मान रही है।

25 Toll Plazas on Trial – पायलट प्रोजेक्ट से मिल रहे संकेत

फिलहाल इस नई व्यवस्था का पायलट प्रोजेक्ट देश के 25 टोल प्लाजा पर चल रहा है। यहां पूरी तरह डिजिटल टोलिंग का परीक्षण किया जा रहा है। शुरुआती अनुभवों में सामने आया है कि कैश बंद होने से वाहनों की गति बनी रहती है और जाम की स्थिति में काफी कमी आती है।

मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इन ट्रायल्स से मिले डेटा के आधार पर देशभर में इस सिस्टम को लागू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का मानना है कि यह बदलाव हाईवे पर सफर करने के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।

🇮🇳 सरकार के 3 बड़े लक्ष्य

इस फैसले के पीछे सरकार के तीन सबसे बड़े उद्देश्य हैं:

1. ईंधन की बचत ⛽

टोल पर बार-बार रुकने और चलने से होने वाली लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की बर्बादी अब खत्म होगी।

2. पारदर्शिता (Transparency) 🔍

हर लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा, जिससे सिस्टम में गड़बड़ी और हेराफेरी की गुंजाइश खत्म होगी।

3. तेज और आसान सफर 🛣️

खुले पैसों और मैनुअल रसीद की झंझट खत्म, जिससे आपका कीमती समय बचेगा।

"सरकार का मत है कि यह कदम भारत को एक आधुनिक डिजिटल ट्रांसपोर्ट सिस्टम की ओर ले जाएगा।"

MLFF System – बैरियर-मुक्त टोलिंग की ओर भारत

कैश पेमेंट बंद करने का फैसला भारत में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला बड़ा कदम है। इस तकनीक में हाईवे पर कोई फिजिकल बैरियर या नाका नहीं होगा। वाहन अपनी सामान्य रफ्तार से चलते रहेंगे और ऊपर लगे कैमरे, सेंसर और एआई सिस्टम के जरिए नंबर प्लेट व FASTag की पहचान कर टोल अपने आप कट जाएगा।

इस मॉडल में न रुकने की जरूरत होगी, न ही धीमा होने की। इससे हाईवे पर औसत गति बढ़ेगी, जाम लगभग खत्म हो जाएगा और यात्रा समय में बड़ी कटौती होगी। विकसित देशों में यह प्रणाली पहले से सफलतापूर्वक लागू है, और अब भारत भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

If You Don’t Have FASTag – क्या होगा अगर डिजिटल पेमेंट नहीं है?

1 अप्रैल के बाद यदि कोई वाहन चालक बिना FASTag या UPI सुविधा के टोल प्लाजा पर पहुंचता है, तो उसे दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। संभावित नियमों के अनुसार ऐसे वाहन को:

  • जुर्माना देना पड़ सकता है, या
  • टोल से वापस लौटाया जा सकता है, या
  • डबल टोल चार्ज किया जा सकता है।

हालांकि इन प्रावधानों को लेकर अंतिम अधिसूचना आना बाकी है, लेकिन संकेत साफ हैं—डिजिटल भुगतान के बिना हाईवे पर सफर करना मुश्किल हो जाएगा।

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सावधान: क्या होगा अगर डिजिटल पेमेंट नहीं है?

1 अप्रैल के बाद यदि आप बिना FASTag या UPI के टोल प्लाजा पहुँचते हैं, तो इन 3 स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है:

🚫 भारी जुर्माना देना पड़ सकता है।
🔄 टोल से वापस लौटाया जा सकता है।
💰 डबल (दोगुना) टोल चार्ज किया जा सकता है।
नोट: हालांकि अंतिम अधिसूचना आना बाकी है, लेकिन संकेत साफ हैं—डिजिटल भुगतान के बिना हाईवे पर सफर अब मुश्किल होगा।
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Driver Preparation – वाहन चालकों को क्या करना चाहिए?

🇮🇳 वाहन चालकों के लिए जरूरी गाइड

नए नियम लागू होने से पहले ये 4 तैयारियां जरूर कर लें:

1 अपने FASTag को एक्टिव रखें और नियमित रूप से बैलेंस चेक करें।
2 ऑटो-रीचार्ज सुविधा चालू करें ताकि ऐन वक्त पर बैलेंस खत्म न हो।
3 स्मार्टफोन में कम से कम एक
UPI ऐप
इंस्टॉल और वेरिफाइड रखें।
4 लंबी यात्रा से पहले FASTag स्टेटस और केवाईसी जरूर जांच लें।

💡 फायदा: इन छोटी सावधानियों से आप टोल पर होने वाली परेशानी से बचेंगे और आपका सफर तनावमुक्त (Stress-free) रहेगा।

सुरक्षित चलें, डिजिटल बढ़ें।

नए नियम लागू होने से पहले हर वाहन चालक को कुछ जरूरी तैयारियां कर लेनी चाहिए:

  • अपने FASTag को एक्टिव रखें और नियमित रूप से बैलेंस चेक करें।
  • ऑटो-रीचार्ज सुविधा चालू करें ताकि बैलेंस खत्म न हो।
  • स्मार्टफोन में कम से कम एक UPI ऐप इंस्टॉल और वेरिफाइड रखें।
  • लंबी यात्रा से पहले FASTag स्टेटस जरूर जांच लें।
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FASTag Blacklist होने से कैसे बचाएं?

अगर आपका FASTag ब्लैकलिस्ट हो जाता है, तो आपको दोगुना टोल देना होगा। इससे बचने के लिए ये 3 बातें याद रखें:

  • लो बैलेंस (Low Balance): हमेशा वॉलेट में न्यूनतम (Minimum) ₹150-200 रखें। कई बैंक बैलेंस कम होने पर टैग तुरंत ब्लॉक कर देते हैं।
  • KYC पेंडिंग: सुनिश्चित करें कि आपके FASTag की Full KYC पूरी हो चुकी है। अधूरी KYC वाले टैग आरबीआई के नियमों के तहत बंद किए जा रहे हैं।
  • डबल टैग न रखें: एक ही गाड़ी पर दो FASTag न लगाएं। इससे 'Conflict' पैदा होता है और दोनों टैग ब्लैकलिस्ट हो सकते हैं।
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इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप टोल पर किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं और बिना रुके सफर का अनुभव ले सकते हैं।

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FAQ: कैशलेस टोल से जुड़े सवाल

1 अप्रैल से क्या सच में कैश पूरी तरह बंद होगा?

सरकार की घोषणा के अनुसार 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर कैश लेनदेन बंद किया जाएगा। हालांकि अंतिम अधिसूचना का इंतजार है।

क्या केवल FASTag से ही भुगतान होगा?

नए नियमों में FASTag के साथ UPI से भुगतान की भी अनुमति होगी, ताकि डिजिटल विकल्प सभी के पास हों।

FASTag में बैलेंस खत्म हो गया तो क्या होगा?

ऐसी स्थिति में आपको UPI से भुगतान करना पड़ सकता है। यदि दोनों विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, तो जुर्माना या वापसी जैसी कार्रवाई हो सकती है।

MLFF सिस्टम कब पूरी तरह लागू होगा?

सरकार चरणबद्ध तरीके से MLFF सिस्टम लागू कर रही है। पहले कैशलेस टोलिंग, फिर बैरियर-मुक्त हाईवे की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

1 अप्रैल से टोल प्लाजा का कैशलेस होना केवल एक नियम नहीं, बल्कि भारत के हाईवे सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत है। इससे सफर तेज होगा, ईंधन बचेगा, जाम घटेगा और टोल कलेक्शन पूरी तरह पारदर्शी बनेगा। आने वाले वर्षों में जब MLFF सिस्टम पूरी तरह लागू होगा, तब हाईवे पर रुकने का झंझट इतिहास बन जाएगा—और भारत का रोड ट्रांसपोर्ट सिस्टम वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाएगा।

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