रीवा के अमहिया में अतिक्रमण पर सियासत तेज: कांग्रेस vs प्रशासन, प्रशासन का दावा- केवल 5 लोग ही विस्थापन की श्रेणी में

रीवा के अमहिया में अतिक्रमण हटाने को लेकर विवाद, कांग्रेस ने गरीबों के साथ अन्याय का आरोप लगाया, प्रशासन ने कहा- नियमों के तहत कार्रवाई।

Update: 2026-04-13 13:08 GMT

Rewa News: अमहिया में अतिक्रमण हटाने पर सियासत गरमाई, कांग्रेस और प्रशासन आमने-सामने

मध्यप्रदेश के रीवा जिले के अमहिया क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान में अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया है और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

Encroachment Action: क्यों हो रही है कार्रवाई?

प्रशासन का कहना है कि अमहिया क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कब्जे किए गए थे। इन्हें हटाने के लिए नियमों के तहत अभियान चलाया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर को व्यवस्थित करने और सरकारी जमीन को मुक्त कराने के लिए जरूरी है।

Congress Reaction: गरीबों के साथ अन्याय का आरोप

कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों को न तो पर्याप्त समय दिया गया और न ही उनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था की गई।

उन्होंने नगर निगम और महापौर पर भी सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन संवेदनशीलता के साथ काम नहीं कर रहा है।

Mayor Statement: आरोपों को बताया निराधार

महापौर अजय मिश्रा 'बाबा' ने अपनी ही पार्टी कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम पूरी तरह नियमों के तहत काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति ने उनसे सीधे मदद के लिए संपर्क नहीं किया और यह मुद्दा राजनीतिक रूप से उठाया जा रहा है।

Administration Stand: केवल 5 लोग ही विस्थापन श्रेणी में

एसडीएम अनुराग तिवारी ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में केवल 5 लोग ही वास्तविक विस्थापन की श्रेणी में आते हैं। बाकी सभी लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था।

उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी के साथ अन्याय नहीं करेगा और सभी कार्य नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं।

Political Impact: क्यों गरमा रहा है मुद्दा?

यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक तरफ प्रशासन इसे जरूरी कार्रवाई बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे गरीबों के खिलाफ कदम बता रहा है।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा गरमाने की संभावना है, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ सकती है।

कार्रवाई और राजनीति के बीच फंसा मामला

रीवा के अमहिया क्षेत्र का यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच फंस गया है।

अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस मुद्दे को कैसे सुलझाते हैं और प्रभावित लोगों को क्या राहत मिलती है।

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