सोनम वांगचुक क्यों भूख हड़ताल करना चाहते हैं? पुलिस उन्हें ऐसा क्यों नहीं करने दे रही?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: लद्दाख में रहने वाले वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को पुलिस ने भूख हड़ताल करने से रोका है
सोनम वांगचुक हड़ताल: आमिर खान ने थ्री इडियट में जिस फुंसुक वांगडू नाम के किरदार का रोल अदा किया था असल में वो लद्दाख में रहने वाले वैज्ञानिक और अविष्कारक सोनम वांगचुक से इंस्पायर्ड था. ये बात सब जानते हैं. और ये भी जानते हैं कि Sonam Wangchuk बहुत नेक और अच्छे इंसान हैं. मगर वह इस समय परेशान चल रहे हैं और यह उनकी अकेले की परेशानी नहीं है. और अपनी बात मनवाने के लिए वह भूख हड़ताल करना चाहते हैं मगर पुलिस उन्हें ऐसा करने नहीं दे रही है. सोनम पुलिस पर आरोप लगा रहे हैं पुलिस सोनम पर आरोप लगा रही है. आखिर ये माजरा क्या है?
सोनम वांगचुक भूक हड़ताल क्यों करना चाहते हैं
सोनम वांगचुक एक प्रकृति प्रेमी इंसान हैं और वह जानते हैं कि प्रकृति के साथ हुई छेड़छाड़ के नतीजे कितने भयावह हो सकते हैं. लद्दाख में लाखों साल पुराने ग्लेशियर पिघल रहे हैं, लेकिन किसी को कुछ पड़ी ही नहीं है. सरकार भी इसे लेकर ज़्यादा संजीदा नहीं है. ऐसे में सरकार का ध्यान खींचने के लिए सोनम वांगचुक ने खार्दुंगला में 26 जनवरी से पांच दिन का अनशन शुरू करने का फैसला किया था. लेकिन 26 जनवरी को बर्फ़बारी हो गई इसी लिए उन्होंने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख के मैदान में भूख हड़ताल शुरू कर दी। लेकिन पुलिस ने उन्हें भूक हड़ताल करने नहीं दी
पुलिस ने सोनम वांगचुक को हड़ताल करने से क्यों रोका
28 जनवरी को सोनम ने ट्वीट करते हुए एक बांड शेयर किया और कहा- लद्दाख सरकार चाहती है कि मैं इस बांड पर साइन करूं। इसमें लिखा है कि मैं एक महीने तक कोई बयान न दूं या किसी सार्वजनिक बैठकों में हिस्सा न लूं। कृपया सलाह दें, यह कितना सही है? क्या मैं खुद को चुप रखूं? मुझे गिरफ्तारी से फर्क नहीं पड़ता।
सोनम वांगचुक कहते हैं कि पुलिस उन्हें भूख हड़ताल नहीं करने दे रही है. वहीं लद्दाख SSP का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें अबतक हड़ताल करने की अनुमति नहीं दी है. जिस जगह में वह भूख हड़ताल कर रहे हैं वहां का मौजूदा तापमान माईनस 40 डिग्री सेल्सिस से भी नीचे है. इसी लिए प्रशासन नहीं चाहता कि वांगचुक इस इलाके में भूख हड़ताल करें। वांगचुक ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें कानूनी कार्रवाई के तहत उनके संस्थान में वापस छोड़ दिया।